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एशिया के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है. तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में 3 फीसदी की गिरावट आई है. इसकी वजह इजराइल और ईरान के बीच युद्ध है. पिछले दिनों खबर सामने आई थी कि इजरायल ने ईरान के तेल ठिकानों को निशाना बनाने से इनकार कर दिया है. इस तरह दुनिया में तेल की आपूर्ति बाधित नहीं होगी, जिसके कारण तेल की कीमत भी तेजी से गिरने लगी है।

कीमत कितनी कम है?
ओपेक ने पहले ही 2024 और 2025 में तेल आपूर्ति में कटौती की घोषणा कर दी थी। ऐसे में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिलने लगा। हालांकि, तेल की कीमतों में 3 फीसदी की गिरावट आई है. सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें 2 प्रतिशत कम थीं, लेकिन मंगलवार सुबह बढ़कर 3 प्रतिशत हो गईं। दोपहर 01:27 बजे तक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 2.27 डॉलर गिरकर 75.19 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं. वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 2.22 डॉलर घटकर 71.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. कुल आंकड़ों की बात करें तो इस हफ्ते तेल की कीमतों में 4 डॉलर यानी 336 रुपये की गिरावट आई है।

कीमतें क्यों बढ़ रही थीं?
ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजराइल जवाबी कार्रवाई की तैयारी में था. ऐसे में कई लोगों को डर था कि कहीं इजरायल ईरान के तेल कुओं को निशाना न बना ले. इसे लेकर अरब देशों ने इजराइल को कड़ी चेतावनी भी दी थी. साथ ही अमेरिका ने सीमित हमले करने की भी सलाह दी. ऐसे में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के तेल कुओं पर हमला नहीं करेगा. कयास लगाए जा रहे हैं कि अब तेल की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आएगी.

इजराइल ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका से कहा है कि इजरायल ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले की योजना तैयार कर रहा है। इजराइल ईरान की परमाणु सुविधाओं और तेल के कुओं को बिल्कुल भी निशाना नहीं बना रहा है. वॉशिंगटन पोस्ट की इस रिपोर्ट के बाद सभी ने राहत की सांस ली है.



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