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Outside medicines being prescribed in Lal Bahadur Shastri Hospital  Additional director found system collapsed

अपर निदेशक व संयुक्त निदेशक पहुंचे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल का निरीक्षण किया
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ मंजुला सिंह के निरीक्षण में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की व्यवस्थाएं ध्वस्त मिली हैं। डॉक्टर धड़ल्ले से बाहर की दवाइयां लिख रहे हैं। देखरेख के अभाव में 120 लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा है।

अपर निदेशक शनिवार की दोपहर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल रामनगर का निरीक्षण करने निकलीं। किसी को भनक न लगे, इसलिए अस्पताल से 50 मीटर दूर गाड़ी छोड़ दी। फिर पैदल ही अस्पताल के मुख्य द्वार तक पहुंचीं। अस्पताल के पास ही मेडिकल स्टोर पर भीड़ लगी मिली।

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अपर निदेशक भीड़ के बीच गईं और डॉक्टरों की लिखी पर्ची को देखने के लिए मांगा। इससे पता चला कि कई डॉक्टरों ने बाहर की दवाइयां लिखी हैं। अस्पताल परिसर में पहुंची तो सबको निरीक्षण की भनक लग गई। इस बीच कई मेडिकल रिप्रजेंटेटिव परिसर से भाग निकले। यह देख अपर निदेशक ने नाराजगी जताई और जिम्मेदारों से तत्काल व्यवस्था दुरुस्त बनाने को कहा। अस्पताल में आई पोर्टेबल एक्सरे मशीन का प्रिंटर खराब मिला है। दवा वितरण काउंटर पर ज्यादा भीड़ देखी। सर्जिकल, महिला, मैटर्निटी व टीबी वार्ड में साफ-सफाई नहीं मिली है। शौचालयों से दुर्गंध उठ रही थी। इस पर अपर निदेशक ने सीएमएस से तत्काल अव्यवस्था दूर कराने और स्वच्छता के लिए चेक लिस्ट लगाने को कहा। ओपीडी के समीप लगे टीन शेड में और पंखे, बड़ा वाटर कूलर लगाने का निर्देश भी दिया। पूर्व सभासद रसूल अहमद खान ने बाहर की जांच, दवा लिखने की शिकायत की।

 

अपर निदेशक को शिकायत भी मिली है। बताया गया कि बच्चों के एक भी डाॅक्टर नहीं हैं। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 25 दिन तक इंतजार करना पड़ता है, फिर नंबर आता है। सीएमएस डाॅ.अमरेश चद्र दुबे ने इमरजेंसी मेडिकल अधिकारी व नर्सों की कमी बताई।



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