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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में जलसंकट गहराता जा रहा है। हालात यह है कि भीषण गर्मी से जहां तालाब, पोखर, नदी सूख रहे हैं तो बांधों का जलस्तर भी कम होने लगा है। उटारी, रोहिणी और सजनाम बांध अपने न्यूनतम जलस्तर पर पहुंच चुके है। जबकि अन्य बांधों के जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है।
तहसील महरानी अंतर्गत ग्राम सूरीकलां क्षेत्र में वर्ष 2008 में उटारी बांध परियोजना का शुभारंभ हुआ था। 690.52 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण बांध के लिए हुआ था। बांध का जलस्तर 326.80 मीटर है और मृत जलस्तर 322.80 मीटर है। इसके पानी से रबी की 1800 हेक्टेयर भूमि और खरीफ की 600 हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल को सिंचाई की जाती है। इसके लिए करीब 20 किलोमीटर की एक नहर व माइनर बने हैं। यह बांध परियोजना 14 वर्ष बाद वर्ष 2022 में पूर्ण होकर सिंचाई विभाग के सुपुर्द कर दी गई थी और इसे पूर्ण क्षमता के साथ भरा गया था। लेकिन वर्तमान में जनपद में पड़ रही भीषण गर्मी से जहां से जल संकट गहरा रहा है। ऐसे में उटारी बांध भी अपने न्यूनतम जलस्तर 322.80 मीटर पहुंच चुका है।
ऐसा ही हाल सजनाम नदी पर बने सजनाम बांध का है। जिसका पूर्ण जलस्तर 373.20 मीटर है और न्यूनतम जलस्तर 368.20 मीटर है। इस बांध का वर्तमान जलस्तर 369.00 मीटर पर पहुंच गया है। वहीं रोहिणी नदी पर निर्मित रोहिणी बांध का जलस्तर भी अपने मृत जलस्तर तक पहुंच चुका है। इसका पूर्ण जलस्तर 396.39 मीटर है और मृत जलस्तर 393.00 मीटर है। वर्तमान में इस बांध का जलस्तर 393.85 मीटर पर पहुंच चुका है।
इन तीनों ही बांधों का जलस्तर अपने न्यूनतम जलस्तर तक पहुंच जाने से तहसील मड़ावरा व महरौनी में सिंचाई के साथ साथ पेयजल की समस्या हो सकती है। इन बांधों से करीब 60-70 फीसदी पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है। जबकि पेयजल के लिए 0.05 फीसदी का उपयोग किया जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हर घर जल नल पेयजल योजना के लिए पानी की खपत बढ़ी है। इधर अन्य बांधों की स्थिति भी सही नहीं है। इनमें भी कुछ बांध अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंचने की कगार पर पहुंचने वाले हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि मानसून में होने वाली बारिश से बांध भर जाएंगे।
बांधों के पूर्ण व वर्तमान जलस्तर में अंतर
जनपद में गोविंद सागर बांध में पूर्ण और वर्तमान जलस्तर में 3.75 मीटर, शहजाद बांध में न्यूनतम जलस्तर 311.75 मीटर से 9.25 मीटर नीचे, जामनी बांध में 5.73 मीटर, सजनाम बांध में 3.74 मीटर, रोहिणी बांध में 2.54 मीटर, उटारी बांध में 3.90 मीटर, राजघाट बांध में 6.20 मीटर, माताटीला बांध में 5.20 मीटर, लोअर रोहिणी में 3.20 मीटर, जमड़ार बांध में 1.50 मीटर, भावनी बांध में 1.58 और बंडई बांध में चार मीटर तक का अंतर है।
सजनाम व रोहिणी से हर घर जल नल के लिए लेना है पानी
प्रस्तावित हर घर जल नल योजना के तहत सजनाम बांध से मसौरा-सिंदवाहा पाइप पेयजल परियोजना के लिए पानी लिया जाना है। इस परियोजना से 47 गांवों में 16050 नल संयोजन करके 94958 लोगों को लाभांवित किया जाएगा। वहीं रोहिणी बांध से मड़ावरा पाइप पेयजल योजना के लिए पानी लिया जाएगा। जिसमें 17 गांवों में 7419 संयोजन करके 40372 लोगों को फायदा दिया जाना है।
गर्मी के मौसम में बांधों का जलस्तर घट जाता है। हालांकि बांधों में पेयजल के लिए अभी पानी मौजूद है। जुलाई माह में मानसून आ जाएगा। जिसके बाद बांध फिर से भर जाएंगे। – इं. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड
