बांदा। पानी संकट के लिए चर्चित बुंदेलखंड के चार जिले ‘रेड जोन’ में आ गए हैं। इसमें बांदा सहित चित्रकूटधाम मंडल के तीन जिले शामिल हैं।। सरकार ने इन जिलों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए जल संचयन के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
मंगलवार को डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कलक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि केंद्र सरकार के सर्वे में देश के 150 जिलों में पानी की भीषण किल्लत मिली है। इसमें बुंदेलखंड के चार जिले बांदा, महोबा, चित्रकूट और झांसी शामिल हैं। यहां पर भूजल स्तर के साल-दर-साल नीचे खिसकने से भविष्य में पीने के पानी का संकट गहराने की आशंका जाहिर की गई है। सरकार के निर्देश पर यहां पर भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए वर्षा जल संचयन की वृहद कार्ययोजना को तैयार की गई है।
बताया कि जनपद की 469 ग्राम पंचायतों में 403 स्थान चिह्नित कर अमृत सरोवर तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। 156 अमृत सरोवर तालाबों का निर्माण पूरा हो गया है। बरसात के पूर्व शेष तालाबों का भी निर्माण पूरा हो जाएगा। तालाबों में पानी की व्यवस्था के लिए इनलेट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कहा कि भू-जल स्तर को बढ़ाने व पानी की बर्बादी को रोकने के लिए सरकारी तंत्र के साथ आम लोगों का सहयोग जरूरी है। मीडिया लोगों में जागरूकता लाने में अहम भूमिका अदा कर सकती है। बताया कि 24 मई को मेडिकल कॉलेज नरैनी रोड 11.30 बजे %%जल संरक्षण’ गोष्ठी में प्रदेश के जल शक्ति व सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शिरकत करेंगे। सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य, अर्थ एवं संख्याधिकारी संजीव बघेल सहित मनरेगा, विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
