
चैतन्य अवस्थी का मुंह मीठा कराते शिक्षक रमेश सिंह, साथ में मां प्रतिमा व पड़ोसी कौशल गुप्ता
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औरैया जिले में लगन व मेहनत के बल पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है। इसकी मिसाल बने हैं सहायल थाना क्षेत्र के गांव बेल्हूपुर के मूल निवासी चैतन्य अवस्थी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में 37वीं रैंक पाकर चैतन्य अवस्थी अपने पहले ही प्रयास में आईएएस बन गए। यहां बड़ी बात यह रही कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। घर पर पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया।
चैतन्य अवस्थी अपनी इस सफलता के पीछे मां प्रतिमा अवस्थी व पिता स्व. संतशरण अवस्थी को श्रेय देते हैं। उन्होंने हाईस्कूल व इंटर स्वराज इंडिया पब्लिक स्कूल कानपुर से किया। इसके बाद उन्होंने क्लेट की परीक्षा दी। इसमें सफल होने के बाद उन्होंने एलएलबी की। इसी दौरान पिता संत शरण अवस्थी का देहांत हो गया। सिर से पिता का साया उठने के बाद मां के साथ रहते हुए पढ़ाई जारी रखी।
दिल में आईएएस बनने की चाह थी तो उसे पूरा करने के लिए रात दिन घर पर ही पढ़ाई की। आखिरकार मेहनत रंग लाई। मंगलवार को आए यूपीएससी के रिजल्ट ने उनकी मेहनत को साकार कर दिया। चैतन्य अवस्थी ने बताया कि पांच जून 2022 को प्री परीक्षा दी थी। इसके बाद मेन्स हुआ और 13 अप्रैल को साक्षात्कार होने के बाद मंगलवार को परिणाम घोषित किया गया।
परिणाम आने के बाद मां प्रतिमा, चाचा रमाशरण व सदगुरू शरण से लेकर परिवार के अन्य लोगों के चेहरे खिल उठे। क्षेत्रीय लोगों में खुशी की लहर देखने को मिली। सुबह से लेकर देर शाम तक उनके घर पर बधाई देने पहुंचने वाले लोगों का ताता लगा रहा। वर्तमान वह परिवार के साथ बर्रा गांव कानपुर में रह रहे हैं।
