बांदा। किसानों को तीन साल पहले बेचे गए चने का जल्द भुगतान मिलेगा। 225 किसानों का क्रय एजेंसी पीसीयू पर करीब 72 लाख रुपये भुगतान बाकी है। वर्ष 2020-21 में खतौनी के मानकों से अधिक चना बेचने पर एजेंसी ने भुगतान रोक दिया था। शासन ने जिलाधिकारी को राजस्व विभाग से पारिवारिक खतौनी का सत्यापन कराकर आख्या देने पर भुगतान के आदेश दिए हैं। इसके पहले 43 किसानों का भुगतान किया जा चुका है।
जनपद में वर्ष 2020-21 में एक हजार से अधिक किसानों ने चार करोड़ से ज्यादा का चना, मसूर आदि बेचा था। इनमें से 268 किसानों का चने का भुगतान सिर्फ इस वजह से रुक गया था कि उन्होंने खतौनी के मानक से अधिक का चना बेचा। हालांकि मानक से अधिक चना खरीदने पर क्रय एजेंसी पर केस दर्ज हुआ और क्रय केंद्र प्रभारी जेल गए, लेकिन तीन साल से किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा था।
जिले के अफसरों से लेकर किसानों ने शासन स्तर तक भुगतान की गुहार लगाई थी। मई 2022 में शासन ने एक आदेश जारी किया कि किसानों के पारिवारिक खतौनी के आधार पर मानकों को पूरा कर भुगतान कर दिया जाए। शासन के आदेशों पर भुगतान की कार्रवाई शुरू तो हुई लेकिन सिर्फ 43 किसानों का भुगतान होने के बाद यह प्रक्रिया पुन: ठप हो गई थी।
किसानों की गुहार पर एक बार फिर मनोज कुमार प्रबंध निदेशक यूपी कारपोरेशन यूनियन लखनऊ ने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को आदेश दिए हैं कि बाकी बचे नरैनी के 158 व बांदा के 68 किसानों को करीब करीब 72 लाख रुपये का भुगतान राजस्व विभाग से पारिवारिक खतौनी का सत्यापन कराकर कर दिया जाए। राजेश चौधरी सहायक आयुक्त/जिला सहायक निबंधक ने बताया कि जल्द सत्यापन कराकर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
