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खप्टिहा कलां । न्यायालय के आदेश पर देहात कोतवाली में महिला की तहरीर पर तत्कालीन थानाध्यक्ष व भट्ठा मालिक समेत छह लोगों के खिलाफ विश्वास के हनन,अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।

देहात कोतवाली क्षेत्र के लामा गांव निवासी रैना देवी ने न्यायालय स्पेशल जज/एससीएसटी कोर्ट में वाद दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि 19 जून 2022 को गांव में कालोनी बनवाने के लिए उसे एक हजार ईंटों की आवश्यकता थी। पैलानी थाना क्षेत्र के खप्टिहा डेरा के रामबाबू निषाद ने घर आकर उसके पति राजेश राही से कहा कि वह सिद्ध विनायक बिक फील्ड मुत्तौर फतेहपुर के ईंटा भट्ठा से ईंटा सप्लाई करता है।

पति राजेश ने कहा कि उसे एक हजार ईंट और उसके पड़ोसी वीरेंद्र कोरी को चार हजार ईंट की आवश्यकता है। वह 36,500 रुपये में पांच हजार ईंटा घर में डालने के लिए तय कर लिया। 20 जून को ईंटा आ गया। ईंटा की रकम 36,500 रुपये ट्रैक्टर के साथ आए गोरे निषाद को दिए। उसने भट्ठा मालिक की रसीद भी दी।

थोड़ी देर बाद ट्रैक्टर का ड्राइवर ईंटों का पैसा पति राजेश से मांगने लगा तो उन्होंने कहा कि जो ट्रैक्टर में साथ था उसे रुपये दे दिया है और रशीद भी दिखाई। इस पर ड्राइवर नहीं माना और उसने भट्ठा मालिक को फोन कर दिया। भट्ठा मालिक जीतू तिवारी ने देहात कोतवाली में शिकायत कर दी। जिस पर तत्कालीन देहात कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने उसके पति को अपमानित कर लॉकअप में बंद कर दिया।

उसके पति ने कहा कि पूरा रुपया गोरेलाल हड़प गया है। लेकिन पुलिस नहीं मानी। रैना देवी ने कहा कि घटना के बाद उसने एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन उसे न्याय न मिला तो वह न्यायालय की शरण में आई है। न्यायालय के आदेश पर आरोपी गोरे निषाद (खप्टिहा कलां), जीतू तिवारी ( भट्ठा मालिक, फतेहपुर), ब्रजेश कुमार (प्रभारी/कोतवाल, कोतवाली देहात ), दीपक (आरक्षी, कोतवाली देहात), महरजवा (होमगार्ड, अतरहट), अरविंद (मुनीम भट्ठा) आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।



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