बांदा। रायबरेली में बंधुआ मजदूरी कर रहे जिले के 12 मजदूरों को जिला प्रशासन ने मुक्त कराया है। पूर्व में इसकी शिकायत मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष दल सिंगार बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि बांदा जनपद के नरैनी व अतर्रा तहसील के 12 मजदूरों को रायबरेली के चहोतर में बंधकर बनाकर ईंट पाथने का काम लिया जा रहा है। उन्हें तय मानकों के अनुसार सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन रायबरेली व बांदा से बात कर इन्हें मुक्त कराने की मांग की।
सूचना के बाद जिला प्रशासन रायबरेली व बांदा ने सक्रियता दिखाते नरैनी के चौकीन पुरा अंश पिपरहरी निवासी मजूदर रामहित (45), रानी (20) पत्नी रामहित, नीरज (16) पुत्र रामहित, कोमल (12) पुत्री रामहित, अतर्रा तहसील
के बल्लान डंगरा पुरवा निवासी इंद्रपाल (60), मैना (55)पत्नी इंद्रपाल, ओमप्रकाश (43), राजकुमारी (38) पत्नी ओमप्रकाश, शीलू (18), रोशनी (14), शिवानी (5) पुत्री ओम प्रकाश , हिम्मत (37) पुत्र चुनवाद को ईंट भट्टा से
मुक्त करा लिया। कहा कि जिला प्रशासन रायबरेली से मजूदरों को बंधक बनाने वाले कंपनी प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज जेल भेजने की मांग की गई है।
