Spread the love


बांदा। चार दिन की भीषण गर्मी के बाद गुरुवार को लोगों ने राहत महसूस की। अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को पारा 43 डिग्री था। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने व पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में 30 से 40 किलो मीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलने और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ताकि जन धन हानि से बचा जा सके।

पिछले चार दिनों से अधिकतम तापमान के 44-45 डिग्री के ईद-गिर्द पहुंचने से लोग बुरी तरह से परेशान थे। गर्मी के कारण दिन में सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था। जो लोग सड़कों पर निकलते थे उनका हर दस कदम पर हलक सूखने लगता था। बिजली कटौती ने गर्मी को और भी कष्टदायक बना दिया था।

इधर, बुधवार की देर शाम से मौसम ने करवट बदली और ठंडी हवाओं के चलने से न्यूनतम व अधिकतम तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम व अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। इससे लोगों ने खासी राहत महसूस की है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। अगले दो दिनों में 30 से 40 किलो मीटर की गति से हवाएं चलेंगी और बूंदाबांदी भी हो सकती है।

सामान्य से अधिक तेज गति से हवाओं के चलने के अनुमान के साथ जिला उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने आम लोगों से बचाव की सलाह दी है। कहा कि तेज हवाएं चलने पर घर के अंदर रहें। घर के दरवाजे, खिड़कियां बंद रखें। यदि संभव हो तो यात्रा से बचें। सुरक्षित आश्रय लें व पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। कांक्रीट के फर्श पर न लेटें, इलेक्ट्रिानिक उपकरणों को बंद कर दें। कृषि मंडियों में रखे अनाज को बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें। पेड़ के नीचे शरण न लें। न पशुओं को पेड़ के नीचे बांधे। ऐसे में पेड़ों के उखडने व टहनियों के टूटने की आशंका अधिक होती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *