बांदा। अधिवक्ता की जमीन पर कब्जा करके पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के छोटे भाई की ओर से बनाए गए श्री नाथ विहार और एजुकेशन इंस्टीट्यूट को अवैध कब्जा मानते हुए अदालत ने इसे हटाने का आदेश दिया है। आदेश के बाद भी शनिवार को पुलिस बल उपलब्ध न होने से अवैध कब्जा हटाने का काम नहीं हो सका।
बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा के छोटे भाई शिव शरण कुशवाह ने चिल्ला रोड पर स्थित 133 बीघा जमीन पर श्रीनाथ विहार कॉलोनी और भागवत प्रसाद मेमोरियल एजुकेशन इंस्टीट्यूट बना रखा है। यह निर्माण कार्य 2008-09 में किया गया था। आरोप है कि इस जमीन का कुछ हिस्सा शहर के अधिवक्ता शिव पूजन सिंह कछवाह का है।
वह अपनी भूमि वापस लेने के लिए कई सालों से अदालती जद्दोजहद कर रहे हैं। कछवाह ने इंस्टीट्यूट सहित ललिता देवी पत्नी स्व. योगेश कुमार (बंगालीपुरा) और भागवत प्रसाद एजूकेशन वेल्फेयर ट्रस्ट के ट्रस्टी शिवसरन (लखनऊ) को पक्षकार (पार्टी) बनाकर विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) / अपर जिला जज के यहां मुकदमा दायर किया था।
अदालत ने सुनवाई के बाद 20, जनवरी, 2021 को अवैध कब्जे हटाकर भूमि उसके स्वामी शिव पूजन को सौंपने का आदेश दिया था। अदालत ने इसके लिए 45 दिन की मोहलत दी थी, लेकिन आदेश पर अमल नहीं हो सका। इस पर शिव पूजन ने सिविल जज ( जूनियर डिवीजन) की अदालत में इजरा दायर कर दिया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अब बीते सोमवार (22 मई ) को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने अपने आदेश में भूमि से कब्जे हटवाकर इसके मालिक शिव पूजन सिंह को देने को कहा है।
उधर, अदालत के अमीन ने शहर कोतवाली पुलिस को लिखित रूप से आदेश की जानकारी देते हुए कब्जा हटवाने के लिए शनिवार (27 मई ) को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, लेकिन पुलिस नहीं उपलब्ध हो पाई। शिव पूजन सिंह का कहना है कि कोतवाली पुलिस ने टालमटोल करके फोर्स उपलब्ध नहीं कराया। बताया कि सोमवार को वह अदालत में इसकी शिकायत करेंगे।
