खोही(चित्रकूट)। धर्मनगरी के परिक्रमा मार्ग में यूपी क्षेत्र के खोही के पास कामदगिरि पर्वत के आसपास किए गए अतिक्रमण के खिलाफ सोमवार को अभियान चलाया गया। इसमें अतिक्रमण को बुलडोजर से हटाया गया है। इसमें 25 स्थायी व 183 अस्थायी अतिक्रमण को हटाया गया है। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान तैनात रहे। इस दौरान अतिक्रमणकारियों व अधिकारियों के बीच कई बार नोकझोंक भी हुई।
धर्मनगरी में परिक्रमा मार्ग में में यूपी-एमपी दोनों ओर कामदगिरि पर्वत के आसपास वन विभाग की जमीन सहित ग्राम सभा की सरकारी जमीनें भी है। इसमें वन विभाग ने सीमांकन के बाद तार व खंभे लगाए थे, ताकि उनकी जमीन में कोई कब्जा न कर सके। इसके बाद भी खाली पड़ी जमीन में लोगों ने अतिक्रमण कर मकान बना लिए। कई स्थानों पर झुग्गी झोपड़ी भी बना ली थी। हालत यह है कि दो से तीन मंजिला मकान बने हैं जो निकास के लिए कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
जिनको हटाने के लिए एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह व नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लालजी यादव पुलिस टीम के साथ पहुंंचे। परिक्रमा मार्ग के खोही के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाने का कार्य किया गया। पुलिस को देखकर कई अतिक्रमण कारी अपनी दुकानों के टिन टप्पर लेकर चले गए। बता दें कि वन विभाग ने वर्ष 2022 में सर्वे कर 84 व 54 अतिक्रमण को चिन्हित किया था।
– मठ व मकानों के शौचालय भी काबिज
चित्रकूट। धर्मनगरी के परिक्रमा मार्ग में कामदगिरि पर्वत की तरफ कई मकान व मठों के शौचालय बन गए हैं। सूत्रों की माने तो मठ मंदिरों में परिवार सहित रहने वाले लोगों ने अपनी सुविधा के लिए ऐसा किया है।
– मुआवजे के तौर पर दी गई थी धनराशि
चित्रकूट। पिछले वर्ष ही प्रदेश सरकार ने परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 18 लोगों को चिन्हित कर करीब डेढ़ करोड़ की धनराशि भी मुआवजे के तौर पर दी थी। बताया जा रहा कि मुआवजे की मिली इस राशि से कुछ दुकानदारों ने पर्वत की ओर नया निर्माण कर लिया है। जिसमें मकान भी बनाए गए हैं ।
