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ईको टूरिज्म के तहत इस वित्तीय वर्ष के लिए पर्यटन विभाग ने मांगे थे प्रस्ताव

संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ईको टूरिज्म के तहत ग्राम बंट में स्थित बंट तालाब और गोविंद सागर बांध का पांच-पांच करोड़ रुपये से पर्यटन विकास किया जाएगा। जिसमें घाट, कैफेटेरिया, सोलर लाइट, नेचर ट्रैक सहित अन्य काम कराए जाएंगे। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को प्रेषित की जा रही है।

विध्यांचल पर्वत की तलहटी में बसे जनपद को बांधों-तालाबों का शहर कहा जाता है। यहां पर चौदह बांध हैं। जिसमें गोविंद सागर बांध करीब 70 वर्ष पुराना है। इस बांध में साइफन प्रणाली है। जिससे कि बांध हवा का दबाब पड़ने पर पानी की निकासी होने लगती है। यह बांध शहर के किनारे पर स्थित है। जिससे यहां पर सुबह और शाम को लोग सैर करने के लिए भी जाते हैं।

अब गोविंद सागर बांध का ईको टूरिज्म के तहत पांच करोड़ रुपये से पर्यटन विकास किया जाएगा। इसमें यहां पर टेंट सिटी, कैफेटेरिया, वेलनेस सेंटर, नेचर ट्रैक, कुर्सियां स्थापित करने के साथ अन्य कार्य कराएं जाएंगे। इसके साथ तहसील पाली अंतर्गत ग्राम बंट में स्थित तालाब को भी ईको टूरिज्म के तहत विकसित किया जाएगा। प्रशासन के द्वारा इसके लिए कार्ययोजना तैयार करवाई जा रही है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही यह कार्ययोजना शासन को प्रेषित कर दी जाएगी। जहां से मंजूरी मिलने के बाद इन स्थलों पर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

करकराबल के पर्यटन विकास का प्रोजेक्ट शासन में भेजा जा चुका

ललितपुर से जखौरा मार्ग पर धुरवारा, बादरौन होते हुए करीब 34 किलोमीटर की दूरी पर बेतवा नदी की धारा पर करकराबल जल प्रपात है। यह जल प्रपात चारों ओर पथरीली चट्टानों से होकर ऊंचाई से गिरता है। पर्यटन की दृष्टि से यह जनपद का महत्वपूर्ण स्थल है। यहां पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। लेकिन, सुविधाएं न होने से बाहर के सैलानी यहां नहीं पहुंच पाते हैं। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। करकराबल के पर्यटन विकास का प्रस्ताव भी पर्यटन विभाग के इस वित्तीय वर्ष में शामिल किया गया है। इस प्राकृतिक जल प्रपात को पर्यटन स्थल बनाने के लिए बीस करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट जिला प्रशासन ने बनवाकर पूर्व में पर्यटन विभाग को प्रेषित कर दिया था। अब इस कार्ययोजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद प्रबल हो गई है।

पर्यटन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए ईको टूरिज्म की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव मांगे थे। जिसके क्रम में इस वित्तीय वर्ष में गोविंद सागर बांध, बंट तालाब और करकराबल जल प्रपात का पर्यटन विकास करने के लिए कार्ययोजना तैयार करवाकर पर्यटन विभाग को भेजी जा रही है।

-हेमलता, पर्यटक अधिकारी/सचिव जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद



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