बांदा। भीड़ के धक्के से रोडवेज बस के गेट पर खड़ा मजदूर सड़क पर आ गिरा और बस का पिछला पहिया उसके ऊपररे गुजर गया। इससे मजदूर की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि 10 दिन बाद ही मजदूर की बरात जानी थी। वह भाई के साथ अपने गांव जा रहा था।
फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र के पलटूपुर गांव निवासी अखिलेश निषाद (22) मुंबई में रहकर कबाड़ की दुकान में मजदूरी करता था। बुधवार को वह भाई देशराज के साथ ट्रेन से बांदा आया था। बुधवार शाम साढ़े सात बजे भाई के साथ बांदा-कानपुर रोडवेज से गांव जा रहा था।
बस में भीड़ अधिक होने से वह गेट के पास खड़ा था। भाई बस में अंदर था। देहात कोतवाली क्षेत्र के लामा गांव के पास रात साढ़े आठ बजे यात्रियों का धक्का लगने से वह बस के नीचे गिरा और पिछले पहिए से कुचल गया। हादसा देख देशराज ने ड्राइवर को आवाज देकर बस रुकवाई। अखिलेश को वह पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लाया। डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया।
रास्ते में चिल्ला गांव के पास मौत हो गई। देशराज ने बताया कि वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। पिता रामस्वरूप मजदूरी करते हैं। मृतक की 11 जून को शादी होनी थी। बरात दरियाबाद, फतेहपुर जानी थी। थानाध्यक्ष जयचंद्र सिंह ने बताया कि बस से कुचलकर मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
