मई 2022 में हुआ था सर्वे का आदेश, नहीं आई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चंदेेरी-मुंगावली रेलवे लाइन का सर्वे कागजों में अटक गया है। जनपद से चंदेरी होते हुए इस रेल लाइन को मुंगावली में बीना गुना रेलवे लाइन से जोड़ा जाना था। लेकिन, अभी तक इसकी रिपोर्ट तक नहीं आई।
जनपद को मध्यप्रदेश के चंदेरी, मुंगावली, अशोकनगर व गुना को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल परियोजना कागजों में लटकी पड़ी है। धरातल पर कोई भी कार्य इस योजना का दिखाई नहीं दे रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान कार्यालय प्रयागराज द्वारा 23 मई 2022 को झांसी रेल मंडल के उप मुख्य इंजीनियर निर्माण को नई रेल लाइन ललितपुर-अशोकनगर वाया चंदेरी के सर्वे के लिए नामित किया गया था।
उत्तर मध्य रेलवे के झांंसी रेल मंडल द्वारा सर्वे कराया जाना था। जिसका जनपद वासियों को अभी तक इंतजार है। बताया जा रहा है कि दो वर्ष पूर्व इस रेल लाइन के सर्वे की चर्चा जोरों पर थी। कुछ भू-भाग का सर्वे भी किया गया, लेकिन बाद में यह योजना अधर में लटक कर रह गई।
अब रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी भी इसकी प्रगति को लेकर कुछ ठीक उत्तर नहीं दे पा रहे हैं।
पहले हुए सर्वे के बाद नहीं मिली थी धनराशि
रेलवे ने चंदेरी के रास्ते पिपरई गांव और जनपद को जोड़ने वाली 80 किलोमीटर रेल लाइन का सर्वे 2009-10 में किया था। इस रेल लाइन का उल्लेख रेल बजट 2012-13 में भी हुआ था। लेकिन, रेल लाइन के निर्माण के लिए बजट आवंटित नहीं हो पाया। जबकि चंदेरी क्षेत्र रेल मार्ग से जुड़ जाता है तो इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा।
डिटेल सर्वे चल रहा है, सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही रेल लाइन के विषय में कुछ कहा जा सकता है।
-मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे, झांसी।
