
प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : ANI
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उड़ीसा के बालासोर में हुए रेल हादसे की जांच व पड़ताल के लिए आरडीएसओ के दो अफसर मौके पर भेजे गए हैं।
दोनों अफसर सिग्नलिंग, वैगन, बोगी, ब्रेक सिस्टम व सेफ्टी के बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट बनाएंगे। इस रिपोर्ट को रेलवे बोर्ड को सौंपा जाएगा। जबकि कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) प्रमुख जांच करेंगे। ऐसे में अलग-अलग एंगल से जांच कराने के बाद हादसे की ठोस वजहों पर पहुंचना आसान हो जाएगा।
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आरडीएसओ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. आशीष अग्रवाल ने बताया कि बालासोर हादसे की जांच के लिए कैरिज विभाग से दो आला अफसरों को भेजा गया है, जो मौके पर जांच-पड़ताल कर रिपोर्ट बनाएंगे।
रेलमंत्री ने की सीबीआई जांच की सिफारिश
रेलवे ने रविवार को ड्राइवर की गलती और सिस्टम में खराबी से एक तरह से इनकार किया और संकेत दिया कि ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना के पीछे इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम में संभावित तोड़फोड़ और छेड़छाड़ हो सकती है। इस हादसे में कम से कम 288 लोगों की मौत हो गई। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की है।
रेल मंत्री ने कहा कि दुर्घटना के मूल कारण और इसके लिए जिम्मेदार अपराधियों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने बालासोर जिले में दुर्घटनास्थल पर मीडिया से बातचीत में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और प्वाइंट मशीन में किए गए बदलाव के कारण ऐसा हुआ। इसे फेल सेफ सिस्टम कहा जाता है, इसलिए इसका मतलब है कि अगर यह फेल भी हो जाता है तो भी सारे सिग्नल लाल हो जाएंगे और सभी ट्रेनों का परिचालन रुक जाएगा। मंत्री ने कहा कि सिग्नल प्रणाली में समस्या थी। ऐसा हो सकता है कि किसी ने केबल देखे बिना कुछ खुदाई की हो।
