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संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा

Updated Tue, 06 Jun 2023 12:44 AM IST

बांदा। किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को न्यायाधीश ने 10 वर्ष की जेल और 32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुकदमा का फैसला पौने तीन साल बाद आया है। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो हेमंत कुमार कुशवाहा की अदालत में चल रही थी। दोषी युवक शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी है।

शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़िता के मामा की तहरीर पर पुलिस ने 19 जून 2020 में सोनू विश्वकर्मा निवासी मोहल्ला धीरज नगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। धीरज के खिलाफ नाबालिग को अगवाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। तहरीर में बताया था कि भांजी उसके घर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। घटना से दो दिन पहले 17 जून को शाम चार बजे मेरी भांजी मोहल्ला के एक सेंटर में कोचिंग पढ़ने गई थी। वहां से देर शाम तक घर नहीं लौटी तो उसकी खोजबीन शुरू की। कोचिंग सेंटर में बताया गया कि भांजी समय से पहले ही यहां से चली गई है। बात में पता चला कि भांजी को सोनू विश्वकर्मा बहला फुसलाकर साथ ले गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी व किशोरी को प्रयागराज से बरामद किया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो हेमंत कुमार कुशवाहा की अदालत में चल रही थी। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने आठ गवाह पेश किये। दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर व साक्ष्यों के आधार पर सोनू विश्वकर्मा को दोषी करार दिया। पुलिस ने दोषी को जेल भेज दिया है।



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