कमासिन थाना क्षेत्र के जगऊं टोला लखनपुर गांव स्थित नट बाबा स्थान पर कौशांबी जनपद के थाना पश्चिम शरीरा के जगौली टेवा गांव निवासी रामबाबू (35) और उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी (32) घटना से तीन दिन पहले पहुंचे थे। रविवार सुबह करीब पांच बजे बागों की तरफ आम बीनने निकलीं गांव की महिलाओं ने उनके शव पड़े देखे थे।
इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल की छानबीन के बाद रविवार को ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिये थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की एक साथ जहर खाकर मौत होने की पुष्टि की गई है। मौत का समय रात एक से दो बजे के बीच का पुष्ट किया गया है। माना जा रहा है कि मृतक रामबाबू नट बाबा का परम भक्त था।
रात 12 बजे रच रहा था श्वांग
अंधविश्वास में पड़कर चमत्कार करना चाहता था। रात 12 बजे के वह सिद्धि प्राप्त करने के लिए श्वांग रच रहा था। अति विश्वास के चक्कर में अपने साथ-साथ पत्नी की जान गंवा दी। इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया कि तंत्रमंत्र के जरिए वह कोई चमत्कार दिखाना चाह रहा था। इसके चलते उसकी जहर खाने से मौत हो गई।
सती होने की चाह भी रह गई अधूरी
वर्ष 2014 में कौशांबी जनपद के पश्चिम शरीरा गांव में मृतक रामबाबू ने चिता में बैठकर सती होने का स्वांग रचा था। हालांकि सही समय पर पश्चिम शरीरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और पुलिस ने ग्रामीणों से मोर्चा लेते हुए रामबाबू को चिता से उठा दिया था। हालांकि इस घटना में दरोगा की सर्विस रिवाल्वर भी छीनी गई थी।
पुलिस ने घोषित किया था इनाम
रामबाबू घटना में फरार हो गया था। 32 ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित किया हुआ था। बाद में वर्ष 2021 में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके बावजूद उसका अंधविश्वास कम नहीं हुआ। वह लगातार तंत्र मंत्र से जुड़ा रहा।
चमत्कार दिखाने की करता था बात
भोले भाले ग्रामीणों को अपने श्वांग में फंसाकर मनगढ़ंत चमत्कार दिखाने की बात कहता रहा। चमत्कार की बात उसने लखनपुर गांव के ग्रामीणों से भी कही थी। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतक के पास से तलाशी में मिली पर्ची में सिर्फ सती होना चाहता हूं ही स्पष्ट हो रहा है।
