बांदा। बरसात के पूर्व गोशालाओं में संरक्षित मवेशियों के लिए जिले में भूसादान अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को प्रेरित कर भूसादान कराने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लक्ष्य दिया गया है। लेकिन पशुपालन विभाग व कुछ बीडीओ को छोड़ दें तो भूसादान कराने में अधिकतर अधिकारररुचि नहीं ले रहे हैं। कई अधिकारी तो दो माह बीतने के बाद भी भूसादान कराने के लिए गांवों में नहीं पहुंचे हैं।
जिले की 313 गोशालाओं में 55,836 पशु संरक्षित हैं। पशुओं के खाने के लिए 8,15,206 क्विंटल भूसे की आवश्यकता है। डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल ने 5,70,644 क्विंटल भूसा क्रय करने और 2,44,562 क्विंटल भूसा किसानों को प्रेरित कर दान कराने के लिए अधिकारियों का लक्ष्य निर्धारित किया था।
इसमें ब्लॉक प्रमुखों को 8000, उप जिलाधिकारियों को 5000, तहसीलदारों को 5000, बीडीओ को 8000, एडीओ पंचायत को 8000 क्विंटल का लक्ष्य दिया गया था। इसके अलावा जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, सचिव मंडी समिति, जिला पंचायत राज अधिकारी, सहकारिता, लद्यु सिंचाई, केन कैनाल, नलकूप खंड, डीसी मनरेगा को एक-एक हजार क्विटंल भूसादान कराना था।
इनमें पशुपालन विभाग ने अब तक सर्वाधिक 5549 क्विंतल, बीडीओ बबेरू, बड़ोखर, जसपुरा, तिंदवारी ने 1492 क्विंतल व एडीओ पंचायत तिंदवारी ने 58, जिला कृषि अधिकारी 50, उप निरीक्षक कृषि ने 162 क्विंटल भूसा ही दान कराया है। अन्य किसी अधिकारी ने एक क्विंटल तक भूसा दान नहीं कराया है। जबकि कुछ ही दिन में बारिश शुरू हो जाएगी। उप निदेशक पशुपालन मनोज अवस्थी का कहना है कि जिलाधिकारी को इस बावत अवगत करा दिया गया है।
