संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:18 AM IST
तिंदवारी (बांदा)। परदेस कमाने गया युवक मछली का शिकार करते समय पाकिस्तान कोस्ट गोर्डों के हत्थे चढ़ गया था। 27 माह बाद रिहाई होने पर परिजन खुशी से गदगद हैं। मां और भाई उसके घर पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैंं।
थाना क्षेत्र के जसईपुर गांव निवासी लल्लू खां का पुत्र रफीक (30) नवंबर 2020 को परदेश कमाने के लिए गुजरात के ओखा गया था। परिजनों के मुताबिक उसे होली में घर आना था, लेकिन मार्च 2021 को मछली का शिकार करते समय उसकी बोट ओखा से दूर समुद्र पर पाकिस्तान सीमा में पहुंच गई। पाकिस्तान कोस्ट गार्डों ने बोट पकड़ ली और रफीक समेत सभी बोट सवारों को पुलिस के हवाले कर दिया। मुकदमा दर्ज कर उन्हें पाकिस्तान में करांची की लॉड्री जेल भेज दिया गया।
बेटे की पाकिस्तान में गिरफ्तारी की खबर मिलने पर उसकी मां कुसुमियां और भाई अतीक बेहद दुखी थे। 27 माह के लंबे इंतजार के बाद बुधवार (7 जून) को उसके रिहाई और ओखा पहुंचने की खबर मिलने पर खुशी से गदगद हो गए। सभी उसके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मां कुसुमियां ने बताया कि पुत्र रफीक पांच भाई व चार बहनें हैं। पिता दिव्यांग लल्लू की तीन वर्ष पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। बड़े भाई अतीक ने बताया कि अधिक मछली मिलने के लालच में सुपरवाइजर उन्हें अपने देश की सीमा से आगे ले जाते हैं। सीमा की लोकेशन की जानकारी सिर्फ सुपरवाइजर को होती है। इन मजदूरों को पता नहीं होता और वह मुसीबत में फंस जाते हैं।
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