Spread the love


स्वच्छ भारत मिशन के तहत 37 ग्राम पंचायतों के पास हैं 12 करोड़ रुपये

संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अवशिष्ठ प्रबंधन के लिए ग्राम पंचायतों को 12 करोड़ रुपये भेजा गया था, इतनी धनराशि मिलने के बाद भी ग्राम पंचायतों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में रूचि नहीं दिखायी जा रही है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए फेज-1 में 23 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। जिसमें शासन द्वारा 10 करोड़ 66 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई थी। जिसमें से ग्राम पंचायतों द्वारा अभी तक 4 करोड़ 81 लाख रुपये ही खर्च किए गये हैं। इसमें से कई गांव तो ऐसे हैं, जिन्होंने न के बराबर की खर्च किया है, ऐसे ग्राम पंचायतों के सचिव व प्रधानों से जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन मिश्रा द्वारा स्पष्टीकरण तलब किया गया है। लेकिन इसके बावजूद भी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं लाया गया है। तो वहीं फेज-2 में चयनित 14 ग्राम पंचायतों द्वारा दो करोड़ तीन लाख रुपये भेजे गये थे। इन सभी ग्राम पंचायतों द्वारा एक भी रुपया खर्च नहीं किया है। जबकि इस संबंध में लापरवाही के चलते जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा चेतावनी पत्र भी जारी कर दिया गया है।

फेज-1 की चयनित ग्राम पंचायतें

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ठ प्रबंधन फेज-1 में चयनित ग्राम पंचायतों मेें बिजरौठा, हर्षपुर, कल्यानपुरा, कैलगुंवा, गौना, कुंहैड़ी, मड़ावरा, थाना, बुढ़वार, बांसी, कड़ेसरा कलां, नाराहट, बिरधा, बार, साढ़ुमल, डोंगराकलां, बालाबेहट, सौजना, पुराकलां, जखौरा, बानपुर, सैदपुर, जाखलौन शामिल रहीं।

फेज- 2 में चयनित ग्राम पंचायतें

ठोस एवं तरल अपशिष्ठ प्रबंधन में चयनित ग्राम पंचायतों में अर्जुनखिरिया, बम्हौरी खड़ैत, बिगारी, चमरउआ, गेवरा-गुंदेरा, गुरसौरा, खांदी, लागौन, मिदरवाहा, पाह, रमेशरा, सिरसी, टेंनगा, उदयपुरा शामिल हैं।

जिन ग्राम पंचायतों द्वारा कार्य नहीं जा रहा है, उन्हें चेतावनी पत्र जारी कर दिया गया है, अगर कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाया जाएगा। तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। – नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *