ललितपुर। छोटी बहन के प्रवेश संबंधी कागजात जीजीआईसी में जमा कराने निकली छात्रा 24 घंटे बाद मध्य प्रदेश के पिछोर कस्बे में सड़क पर बेसुध मिली। यह देखकर बेटी को ढूंढने निकले पिता ने आननफानन उसे पहले चंदेरी में अस्पताल में भर्ती कराया। फिर यहां से ललितपुर के जिला अस्पताल ले आया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता ने मौत के कारणों को लेकर चुप्पी साध ली।
कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले निवासी ने बताया कि उनकी 16 साल की बेटी कक्षा 12वीं की छात्रा थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे वह घर से छोटी बहन का राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 9वीं में प्रवेश कराने के लिए कागजात जमा करने की बात कहकर निकली थी। अपने साथ वह एक बैग भी लिए हुए थे, जिसमें कागजात रखे हुए थे। शाम करीब चार बजे किशोरी ने पिता को फोन कर बताया कि वह मध्य प्रदेश के गुना में है। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इस पर पिता तत्काल बाइक से गुना के लिए निकल गए। अभी वह चंदेरी पहुंचे थे कि किशोरी से एक बार और बात हुई। इसके बाद फोन फिर स्विच ऑफ हो गया। जब वह गुना पहुंचे तो वहां किशोरी नहीं मिली। इसके बाद रात करीब 12 बजे वह अशोक नगर पहुंच गए। यहां से ईशागढ, कदवां और खनियाधाना में बेटी को ढूंढा। यहां भी कुछ नहीं पता चला। उसका फोन भी बंद था। शुक्रवार की सुबह जब पिता मध्यप्रदेश के जिले अशोकनगर के कस्बा पिछोर पहुंचे तो यहां सड़क पर बेटी दिखाई दी। वह उल्टियां कर रही थी। उसकी हालत बेहद खराब थी। वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। यह देखकर वह बेटी को चंदेरी अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने ललितपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां किशोरी की मौत हो गई। वह दो बहन और दो भाइयों में दूसरे नंबर की थी।
कॉल डिटेल खोल सकती है पिछोर पहुंचने का राज
पिता ने बताया कि संजना से बृहस्पतिवार को दो बार बात हुई। उसने दोनों बार ही गुना में होने की बात कही थी। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया, जोकि रात भर रहा। शुक्रवार की सुबह पिछोर में विषाक्त का सेवन किए हुए संजना मिली। जिसकी मौत हो गई। कॉल डिटेल ही राज खोलेगा।
