ललितपुर। विवाद के दौरान लाठी-डंडों से हमला कर ग्रामीण को मौत के घाट उतार देने के मामले में मृतक के परिजनों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने ललितपुर-महरौनी मार्ग पर शव को रखकर प्रदर्शन किया। किसी प्रकार पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। तब जाकर शव का अंतिम संस्कार हो सका।
थाना छिल्ला निवासी हरपाल (40) पर गांव के प्रभान सिंह उर्फ छोटू, रामराजा पुत्र काशीराम लोधी ने लाठी-डंडो से हमला कर दिया था। जिससे हरपाल की मौत हो गई थी। शुक्रवार को हरपाल के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शाम को परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और ललितपुर-महरौनी मार्ग पर शव को रखकर प्रदर्शन करने लगे। जिससे सड़क मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों और परिजनों के प्रदर्शन करने की सूचना मिलने पर कोतवाली महरौनी सहित आसपास के थाना क्षेत्र से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया। लेकिन वह हत्यारोपी को गिरफ्तार करने की बात पर अड़े रहे। पुलिस परिजनों को समझाते रहे और कार्रवाई करने का भरोसा देते रहे। करीब दो घंटे समझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और अंतिम संस्कार को राजी हुए।
हत्या का केस दो पर दर्ज, एक गिरफ्तार
लाठी डंडा से हमला कर हरपाल को मौत के घाट उतार देने के मामले में पुलिस ने मृतक के पुत्र संजय की तहरीर पर प्रभान उर्फ छोटू, रामराजा पुत्र काशीराम लोधी निवासी ग्राम छिल्ला के खिलाफ मारपीट व हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने एक हत्यारोपी को प्रभान उर्फ छोटू को शुक्रवार को ग्राम खितवांस के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्यारोपी की निशानदेही पर लाठी भी बरामद कर ली गई है।
चांटा का उलाहना बना मौत की वजह
मृतक हरपाल के चाचा शिवराज सिंह ने बताया कि उसके भतीजे हरपाल के बहनोई जागेश्वर ने अपना मोबाइल छोटू को चार्ज करने को दिया था। जब जागेश्वर ने फोन वापस मांगा तो छोटू ने मना कर दिया था और जागेश्वर को चांटा मार दिया था। इसी बात का उलाहना देने के लिए जब हरपाल प्रभान उर्फ छोटू के पास गया तो यहां छोटू ने अपने भाई रामराजा के साथ मिलकर हरपाल पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनकी मौत हो गई थी।
