संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 10 Jun 2023 12:32 AM IST
बांदा। अदालत ने दहेज हत्या के मामले में करीब 16 साल बाद आए फैसले में पति को सात वर्ष का कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। जुर्माने की पूरी राशि मृतका की पुत्री को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी, सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि अतर्रा थाना क्षेत्र के गोखिया गांव निवासी रामदत्त अग्निहोत्री ने थाना बबेरू में 18 दिसंबर 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि बहन प्रतिमा की शादी सात जून 2006 को बबेरू थाना क्षेत्र के साथी गांव निवासी विवेक कुमार पुत्र माता प्रसाद द्विवेदी के साथ की थी। ससुराल पहुंचने पर सास उमा देवी, पति विवेक कुमार, जेठ राजू द्विवेदी, जेठानी अलका सभी ने दहेज में बाइक व 50 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी।
16 दिसंबर 2007 को जानकारी मिली कि ससुरालियों ने बहन प्रतिमा की गला घोटकर हत्या कर दी है। उस समय मृतका की बच्ची अर्पणा की उम्र छह माह थी। पुलिस ने विवेचना के पश्चात आरोप पत्र सिर्फ पति के खिलाफ न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमा दरम्यान अभियोजन पक्ष से आठ गवाह पेश किए गए। अपर सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली का अवलोकन व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को कारित अपराध का दोषी पाते हुए शुक्रवार को अपने 48 पृष्ठीय फैसले में सजा व जुर्माना किया। दोषी जमानत पर था, जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
