संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 11 Jun 2023 12:58 AM IST
तिंदवारी (बांदा)। बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर बेंदाघाट के यमुना नदी पुल पर 1980 में बना पुल 24 फरवरी को छठवें पिलर के पास धंस गया था। चार माह होने को हैं, लेकिन अब तक मरम्मतीकरण का कार्य शुरू नहीं कराया गया है। इससे भारी वाहनों को 21 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की रायबरेली शाखा की सूचना पर एनएचएआई दिल्ली की टीम ने दो बार पुल का निरीक्षण कर क्षमता को परखा भी था। डीएम के आदेश पर पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। पुल से होकर गुजरने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन कर पपरेंदा, चिल्ला, बहुआ होते हुए फतेहपुर कर दिया गया। इसके अलावा हल्के दो पहिया और चार पहिया वाहनों समेत परिवहन विभाग की रोडवेज बसों को पुल से निकलने की अनुमति दी गई थी।
पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक के चलते बांदा से फतेहपुर जाने वाले वाहनों को करीब 21 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। उधर एनएचएआई रायबरेली शाखा के साइड इंजीनियर का कहना है कि पुल के क्षमता की जांच पूरी हो चुकी है। मरम्मत कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
