Spread the love


Stomach was torn in an accident on Bundelkhand Expressway, doctors of Satna gave new life to the child

मरीज के साथ डॉक्टर।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सतना के डॉक्टरों ने मरणासन्न बच्चे को नया जीवन दिया है। प्रियम्वदा बिड़ला हॉस्पिटल में बच्चे की जटिल लेकिन सफल सर्जरी की गई। लगभग खत्म हो चुकी जिंदगी की उम्मीद को टूटने नहीं दिया और बच्चे को एक नया जीवन प्रदान किया है। 

एमपी बिरला फाउंडेशन के प्रियम्वदा बिड़ला हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. संजय माहेश्वरी ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसा हुआ था। इसमें अभय कुशवाहा (14 वर्ष) का पेट फट गया था। उसकी आंतें तक बाहर आ गई थीं। इस हादसे में उसके पिता और बहन को भी गंभीर चोटें आई थीं। अभय कुशवाहा को बिड़ला हॉस्पिटल भेजकर बांदा के कलेक्टर ने इस विषय पर बात भी की थी। जब उसे यहां लाया गया तो उसकी आंतों को समेटकर लाया गया था।

डॉ. माहेश्वरी ने बताया कि अभय की क्रिटिकल कंडीशन को देखते हुए गुरुवार रात तत्काल उसका ऑपरेशन शुरू किया गया। लगभग छह घंटे सर्जरी चली, जो रात दो बजे सफलता के साथ खत्म हुई। अभय के पेट के सभी अंगों और उसकी आंतों को व्यवस्थित और पुनर्स्थापित किया गया है। अब पेशेंट की हालत बेहतर है। वह बोल भी रहा है। इस जटिल ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. रेखा माहेश्वरी, डॉ. अंकिता सिंह और डॉ. नीना के अलावा मेडिकल स्टॉफ टीम के राजेश, आशा, शैलेष, राकेश, कामता, रमेश भी शामिल रहे।

डॉ. माहेश्वरी ने बताया कि सतना में बिरला हॉस्पिटल की नींव 32 साल पहले रखी गई थी। तब से आज तक चिकित्सा के क्षेत्र में आए बदलावों और अत्याधुनिक तकनीकी के साथ यह हॉस्पिटल काम कर रहा है। वक्त के साथ बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर अस्पताल ने सुविधाओं में भी विस्तार किया और कैंसर के ट्रीटमेंट जैसी बड़ी सुविधा सतना में उपलब्ध कराई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *