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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रथम वर्ष में पढ़ाए जाने वाले तीन विषयों में से सिर्फ एक में शिक्षक तैनात है। जबकि, दो विषयों को पढ़ाने वाला कोई शिक्षक नहीं है। ऐसे में जब छात्र-छात्राओं को मेडिकल की शुरुआती पढ़ाई में ही मूलभूत जानकारियां सही से नहीं मिल पाएंगी तो वो अच्छे डॉक्टर कैसे बनेंगे।

एमबीबीएस प्रथम वर्ष के दौरान छात्र-छात्राओं को फिजियोलॉजी, एनाटॉमी और बायोकेमिस्ट्री विषय पढ़ाया जाता है। इनमें से फिजियोलॉजी के शिक्षक डॉ. बीडी सिंह दो साल से महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के कार्यालय में अटैच हैं। वहीं, संविदा पर तैनात एक शिक्षक का फरवरी 2023 में काॅलेज द्वारा समय से सेवा विस्तार का पत्र शासन को नहीं भेजा जा सका। इसलिए शिक्षक की सेवाएं समाप्त हो गईं। एनाटॉमी के एक शिक्षक का कुछ समय पहले ही निधन हो चुका है। इस विषय के शिक्षक डॉ. रघुवीर मंगलोई की नियुक्ति पिछले साल लोकसेवा आयोग के जरिये जालौन मेडिकल कॉलेज में हो चुकी है। वहीं, संविदा पर तैनात डॉ. संजुला सिंह का पत्र समय से शासन को न भेजे जाने से उन्हें भी सेवा विस्तार नहीं मिल सका। ऐसे में फिजियोलॉजी और एनाटॉमी विषय पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। इसके अलावा बायोकेमिस्ट्री विषय में ही एकमात्र शिक्षक डॉ. प्रशांत त्रिपाठी तैनात हैं। मगर वो सहायक कोर्ट ऑफिसर भी हैं। ऐसे में उन पर पढ़ाने के साथ-साथ कोर्ट के कामकाज की भी जिम्मेदारी रहती है। बताया गया कि अक्सर उन्हें कोर्ट में तारीख होने पर बाहर जाना पड़ता है। इन हालातों में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

हर विषय के लिए पांच-पांच शिक्षकों के पद सृजित

फिजियोलॉजी, एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री और फॉरेंसिक मेडिसिन विषय के लिए पांच-पांच शिक्षकों के पद सृजित हैं। इनमें एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और तीन असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।

फॉरेंसिक मेडिसिन में भी एक शिक्षक, उनका भी हुआ तबादला

एमबीबीएस द्वितीय वर्ष में पढ़ाए जाने वाले फॉरेंसिक मेडिसिन विषय के शिक्षक डॉ. पंकज मुस्तारिया का शासन ने तबादला कर दिया है। हालांकि, अब तक उन्हें कॉलेज प्रशासन ने रिलीव नहीं किया है।

मई और जून में एमबीबीएस की कक्षाएं संचालित नहीं होती हैं। वहीं, एनाटॉमी में डिमॉन्स्ट्रेटर के पद पर एक शिक्षिका से सेवाएं ली जा रही हैं। जल्द ही कुछ शिक्षकों की संविदा पर तैनाती हो जाएगी। – डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।



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