कालिंजर/नरैनी। ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में दस दिन बाद नलों में पानी देखकर देशी व विदेशी सैलानियों ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी कालिंजर कस्बे में पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों को पीने के पानी के लिए समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।
कालिंजर दुर्ग सहित कस्बे में दस दिनों पीने के पानी के लिए हायतौबा मची हुई। पर्यटकों को इस भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए मोहताज होना पड़ था। अमर उजाला में रविवार को छपी खबर के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने पानी की आपूर्ति की। नलों में पानी देखकर पर्यटकों में खुशी रही।
कालिंजर विकास समिति के सदस्य अतुल सुल्लेरे ने कहा कि भीषण गर्मी में दुर्ग में पीने के पानी की व्यवस्था न होने से पर्यटक परेशान थे। दुर्ग में नीलकंड मंदिर सहित मानसिंह महल के पास स्थित प्लास्टिक की टंकियों में पानी की आपूर्ति हुई और नलों से पानी निकलने लगा। हालांकि अभी कस्बे में पानी की समस्या पहले की तरह है। यहां लोगों को पानी के लिए इक्का-दुक्का ठीकठाक हैंडपंप व कुओं की दौड़ लगानी पड़ रही है। जलापूर्ति का पानी हप्तों से नहीं आया। शिकायत के बाद भी जल संस्थान कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
