Spread the love


Passengers run behind buses every day, there is fear of accident

रोडवेज बस स्टैंड के सामने से निकलने वाली बस में बैठने के लिए दौड़ता यात्री
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को आए-दिन बस पकड़ने के लिए उनके पीछे भागना पड़ता है। वजह यह है, ज्यादातर बसें बस स्टैंड के अंदर आने की बजाय बाहर होकर ही निकल जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को भी बस स्टैंड के बाहर धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बसों के पीछे भागने में अक्सर दुर्घटनाओं का डर भी रहता है, लेकिन शिकायतों के बावजूद इस समस्या का कोई हल नहीं निकला है।

हाथरस डिपो में वर्तमान में 68 बसें है। यह बसें लोकल व लंबे मार्गाें पर चलती हैं। शहर से हर रोज बड़ी संख्या में यात्री आगरा, अलीगढ़ व अन्य मार्गाें पर सफर करते हैं। डिपो की हर रोज आठ से 10 लाख रुपये की आय है। यह सभी बसें कार्यशाला के आने के बाद बस स्टैंड से जाती हैं।

अन्य डिपो में बुद्ध विहार, नरौरा, आगरा डिपो की बसें रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से सीधे सवारियों को उठाते हुए निकल जाती हैं। इस कारण यात्रियों को बसों के पीछे दौड़ लगानी पड़ती है। उनके साथ दुर्घटना होने का डर रहता है। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अलीगढ़ सतेंद्र वर्मा का कहना है कि जो बसें बस स्टैंड के बाहर से गुजर रही हैं, उनकी सूची मिलने के बाद चालक-परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से आगरा-अलीगढ़ जाने वाली बसें चलते-चलते ही यात्रियों को उठाती हैं। बस स्टैंड होने के बावजूद बसें बाहर से ही निकल जाती हैं। इस कारण आए-दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। -महादेव, यात्री

जब रोडवेज बस स्टैंड है तो अन्य डिपो की बसों को रोककर बस स्टैंड से यात्रियों को बिठाना चाहिए। बसों में सवार होने के लिए आए-दिन बसों के पीछे दौड़ना पड़ता है। अधिकारी बाहर से बसों को ले जाने वालों पर कार्रवाई करें। -नरेश, यात्री



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *