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झांसी व मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटे वन क्षेत्रों पर बढ़ाई चौकसी

संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। कूनो नेशनल पार्क में कुछ माह पूर्व नामीबिया से चीते लाए गए थे। अभी तक तो यह कूनो नेशनल पार्क के वन क्षेत्र तक सीमित थे। लेकिन, अब इनका विचरण आसपास के वन क्षेत्रों में हो गया है। ऐसे में वन क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लोगों को सचेत कर दिया गया है।

नामीबिया से भारत लाए गए चीतों को मध्य प्रदेश स्थित कूनो नेशनल पार्क में रखा गया था। लेकिन, उन्हें अनुकूल वातावरण न मिलने के कारण कई चीते बीमार हो गए, तो वहीं कुछ की मौत भी हो गई थी। ऐसे में चीतों को खुला छोड़कर अपने अनुकूल स्थान की तलाश करने पर सहमति बनी थी, इसलिए चीतों को खुला छोड़ दिया गया।

छोड़े गए इन चीतों की निगरानी सेटेलाइट के माध्यम से की जा रही है। एक महीने पहले शिवपुरी के जंगलों में एक नर व मादा चीतों की लोकेशन मिली थी। अब इन चीतों की लोकेशन ललितपुर की ओर दिखाई दे रही है। इसके लिए वन विभाग ने सीमावर्ती इलाकों में इसकी चौकसी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को सचेत कर दिया है।

वहीं, प्रधानों व अन्य जागरूक लोगों के साथ रेंज अफसरों ने बैठक करते हुए उन्हें अवगत कराया है कि अगर उन्हें चीते आसपास दिखाई दें, तो वह घबराए नहीं, इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को दें। साथ ही झांसी व मध्य प्रदेश से सटे इलाकों में वन कर्मिंयों की तैनाती कर दी गई है।

इन स्थानों पर बढ़ाई गई चौकसी

जनपद में वन क्षेत्र लंखजर, मदनपुर, राजघाट, माताटीला, देवगढ़ व धौर्रा क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाई गई है। साथ ही यहां के निवासियों को सचेत किया गया है कि वह जंगलों में अनजान आदमी के प्रवेश पर नजर बनाए रखें, क्योंकि शिकारियों की नजरें भी इन चीतों पर हैं, इसलिए इस पहलू पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मध्य प्रदेश व झांसी के सटे वन इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को जागरूक किया गया है, साथ ही वनकर्मियों की भी तैनाती की गई है।

गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।



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