अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पिछले चार महीने से रानी लक्ष्मीबाई अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति को लेकर भाजपा में मची खींचतान पर मंगलवार को विराम लग गया। पार्टी ने निदेशक चुने गए मनु सिंह का नाम सभापति के लिए फाइनल कर दिया है। आज इनका निर्विरोध निर्वाचन तय है।
भाजपा में अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति का चुनाव दो गुटों के बीच टकराव का कारण बन गया था। झांसी से लेकर लखनऊ तक भाजपा दो धड़ों में बंट गई थी। एक गुट के साथ सरकार के नुमाइंदे थे तो दूसरे गुट के पक्ष में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी। दो गुटों के खींचतान के बीच एक मंत्री तक कूद पड़े थे। ऐसे में 27 जनवरी 2023 को होने वाला सभापति का चुनाव चार महीने में भी नहीं हो पाया। चूंकि, सहकारी बैंक के चुनाव से पहले 14 जून को अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति का चुनाव होना तय हो गया था। ऐसे में पिछले दो-तीन दिनों से भाजपा के दोनों गुटों के लोग लखनऊ में डेरा जमाए हुए थे। मंगलवार को देर तक चले मंथन के बाद आखिरकार मनु सिंह के नाम पर मुहर लग गई। चूंकि, पार्टी के पदाधिकारी पहले से ही कह रहे थे कि लखनऊ से जिसका भी नाम फाइनल होगा, सिर्फ वो ही नामांकन करेगा। ऐसे में सभापति के लिए मनु का निर्वाचन तय हो गया है।
ये नाम थे रेस में
सभापति के लिए दावेदारी करने वालों में मनु सिंह के अलावा अमित चिरवारिया, रमाकांत दुबे पंकज और पुरुषोत्तम स्वामी शामिल थे।
19 जनवरी को हुए चुनाव में सभी 12 निदेशक भाजपा के ही चुने गए थे। सभापति के लिए चार नामों का पैनल लखनऊ भेजा गया था। मंगलवार को मनु सिंह का नाम फाइनल कर दिया गया है। – मुकेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष, भाजपा।
