पुलिस ने पीड़िता के कलमबंद बयान दर्ज किए
मेडिकल टेस्ट व कोर्ट में बयान कराने की तैयारी में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दरोगा के खिलाफ दर्ज किए गए दुष्कर्म के मुकदमे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे ही आरोपी दरोगा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। बुधवार को पुलिस ने पीड़ित युवती के कलमबंद बयान दर्ज किए। अब मेडिकल टेस्ट व न्यायाधीश के समक्ष बयान दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कोतवाली के अंतर्गत चौकी नेहरू नगर प्रभारी अतुल तिवारी का फेसबुक के माध्यम से एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसके बाद युवती के पास उपनिरीक्षक आता-जाता रहा और उसे अपने पास बुलाता रहा था। आरोप है कि वह शादी का आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाता रहा। 20 मई 2020 को भोपाल के विष्णु मंदिर में दरोगा ने युवती से विवाह किया और उज्जैन और भोपाल में दोनों पति-पत्नी की तरह होटल में ठहरे थे।
युवती का आरोप है कि उपनिरीक्षक ने शारीरिक शोषण करते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया था। यह आरोप युवती ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में भी लगाए थे। एसपी के आदेश पर कोतवाली सदर में आरोपी दरोगा व उसके चार परिजनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया था। मुकदमे की विवेचना कोतवाली में तैनात अतिरिक्त निरीक्षक अपराध को सौंपी गई। जिसमें विवेचक ने हाल ही में पीड़िता को बयान और मेडिकल टेस्ट सहित अन्य प्रक्रिया के लिए सूचना भेजी थी।
जिस पर बुधवार को पीड़िता कोतवाली पहुंची। यहां महिला उपनिरीक्षक ने उसके कलमबंद बयान दर्ज किए। बयान दर्ज होने के बाद पुलिस अब आगे की प्रक्रिया के तहत पीड़िता का मेडिकल टेस्ट और न्यायाधीश के समक्ष बयान दर्ज करने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस की जांच प्रक्रिया जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे ही आरोपी दरोगा पर गिरफ्तारी की तलवार लटकती जा रही है। इस मामले में दरोगा के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हो जाने के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक अग्रवाल ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
