अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तीन दिन पहले अज्ञात बदमाशों के घर में घुसकर हमला करने में घायल मां की बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई जबकि उसकी आठ साल की बेटी की हालत नाजुक है। वह आईसीयू वार्ड में भर्ती है। मां-बेटी किराए के मकान में अकेली रहती थीं। पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है।
प्रेमनगर में रेलवे कॉलोनी के काठ का पुल निवासी नीतू (36) की शादी बबीना के सुनील से हुई थी। पति बीमार रहते हैं। पांच साल पहले नीतू अपने भाई के पड़ोस में किराया का कमरा लेकर रहने लगी। उसके साथ बेटी आराध्या (8) भी रहती थी। रविवार रात दोनों खाना खाकर सोए थे। उसी दौरान अज्ञात बदमाश घर में घुस गए। लाठी-डंडों से मारकर दोनों को अधमरा कर दिया। सोमवार भोर करीब 4 बजे भाई आशीष की नींद टूटी तब उसने देखा की बहन के घर की लाइट जल रही थी। अंदर जाने पर पूरा कमरा खून से सना हुआ था। बहन नीतू बिस्तर के नीचे और भांजी आराध्या बेड पर लहूलुहान हालत में पड़े थे। दोनों बोल नहीं पा रहे थे। दोनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। दोनों के सिर में गंभीर चोट थी। भांजी को सिर में 11 टांके आए। बृहस्पतिवार दोपहर नीतू ने दम तोड़ दिया जबकि आराध्या की हालत नाजुक है। भाई का कहना है कि बहन की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने बदमाशों के गलत इरादे से घर में दाखिल होने की आशंका जाहिर की। प्रेमनगर थाना प्रभारी आनंद सिंह के मुताबिक मामला दर्ज करके बदमाशों की तलाश की जा रही है।
