बांदा। नगर निकाय के परिसीमन में शामिल नए गांव और नई बस्तियां भी जल्द बिजली से रोशन होंगी। इनमें रहने वाले परिवारों को मानक के अनुसार बिजली मिलेगी। लो-वोल्टेज व जर्जर लाइनों के आए दिन टूटने की समस्या से निजात मिलेगी। जिससे लोगों को अघोषित बिजली कटौती से राहत मिलने की उम्मीद है।
बिजली विभाग चित्रकूटधाम मंडल के नवसृजित नगर पंचायत और परिसीमन में शामिल गांव व बस्तियों में शहरी मानकों के अनुरूप बिजली की आपूर्ति के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 26.16 करोड़ के कार्य कराएगा। मुख्य अभियंता सुनील कपूर ने बताया कि मंडल के चारों जनपदों में नगरीय निकाय क्षेत्रों के सीमा विस्तार में कई गांव और नई बस्तियां शामिल हुई हैं।
इनमें शासन की नवसृजित नगर निकाय व सीमा विस्तार योजना के तहत बांदा जनपद की नगर पंचायत तिंदवारी, बबेरू, अतर्रा, नरैनी, चित्रकूट के राजापुर, चित्रकूट सहित जनपद महोबा व हमीरपुर के नगर निकायों में 26.16 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं। यहां पर 33 केवी, 11 केवी, एचटी/एलटी लाइनों का विस्तार, 11/04 केवी उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की जाएगी।
इसके साथ ही नवीन उपकेंद्र के निर्माण संबंधी कार्य कराए जाएंगे। ताकि शहरी क्षेत्रों के मानक के अनुसार उपभोक्ताओं को कनेक्शन और बिजली उपलब्ध कराई जा सके। इसमें सर्वाधिक 9.24 करोड़ के 32 कार्य जनपद महोबा के शामिल हैं।
बांदा में पांच करोड़ के छह कार्य, चित्रकूट में 7.61 करोड़ के छह कार्य, हमीरपुर में 4.31 करोड़ के सात कार्य होंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू है। जल्द नगर पालिका व नगर पंचायतों के नवसृजित गांव व बस्तियों में कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। मुख्य अभियंता का कहना है कि कार्यों के पूरा होने के बाद गांव और बस्तियां शहरी मानक के अनुसार बिजली से रोशन होंगी।
मंडल के गांवों में फीडरों के लोड को कम करने के लिए नलकूपों के लिए अलग से फीडर की व्यवस्था की जा रही है। जिन ग्रामीण फीडरों पर 30 फीसद से अधिक निजी नलकूप उपभोक्ता हैं। उनको इनसे अलग कर अलग फीडर बनाकर कनेक्शन दिया जा रहा है। 34 में से 29 फीडरों का कार्य पूरा कर लिया गया। पांच फीडरों पर कार्य किया जा रहा है। इस पूरे कार्य में 58.59 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
