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संवाद न्यूज एजेंसी

कोंच। मथुरा प्रसाद महाविद्यालय में ऑडिट करने आई टीम को तमाम खामियां मिलीं हैं। मान्यता के लिए बंधक की गई जमीन को भी पूर्व प्रबंध कमेटी द्वारा बेच दिए जाने का मामला भी सामने आया है। ऑडिट टीम छायाप्रतियां भी अपने साथ ले गई है।

मथुरा प्रसाद महाविद्यालय कोंच में लखनऊ से विशेषज्ञ ऑडिट टीम द्वारा 8 से 10 मई 2023 तक ऑडिट किया था। यह ऑडिट वर्ष 2012-2013 से 2022-23 तक महाविद्यालय के सभी खातों का किया गया। पिछले 10 वर्षो के दौरान किए गए एक-एक खाते के संचालन को बारीकी से चेक किया गया जिसमें तमाम खामियां पकड़ी गई और साक्ष्य के रूप में फोटो प्रति भी ऑडिट टीम अपने साथ ले गई है।

ऑडिट टीम को यह साक्ष्य भी मिला कि साढ़े सात एकड़ भूमि जो महाविद्यालय के नाम थी वह भी पूर्व प्रबंधकारिणी ने बिना निदेशक, उच्च शिक्षा, शिक्षा निदेशालय प्रयागराज की अनुमति लिए दाम बेच दी है। जबकि इस भूमि की कीमत उस समय भी पंद्रह लाख से अधिक थी। यह भूमि महाविद्यालय की मान्यता के समय विश्वविद्यालय में बंधक थी। महाविद्यालय की टीम को ऑडिट से पूर्व तैयारी करते समय 3.52 एकड़ भूमि पड़री में भी मिली जो कि वर्तमान में महाविद्यालय के कब्जे में नहीं है।

यह भूमि भी एसआरपी इंटर कॉलेज कोंच के तत्कालीन मंत्री मूलचंद द्विवेदी ने मथुरा प्रसाद महाविद्यालय कोंच जिला-जालौन (पूर्व नाम कोंच महाविद्यालय कोंच जिला-जालौन) को मान्यता के समय विश्वविद्यालय के नाम बंधक की थी। जिसके साक्ष्य महाविद्यालय के पास उपलब्ध हैं। अब वर्तमान प्राचार्य ने पड़री स्थित भूमि को प्राप्त करने की कार्रवाई तेज कर दी है।

शिक्षक के अनुमोदन में भी फर्जीवाड़ा

कोंच। महाविद्यालय में वर्ष 2006 में स्व-वित्तपोषित योजनांतर्गत स्नातक स्तर पर भौतिक विज्ञान में जिस शिक्षक का अनुमोदन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से कराया गया। उसमें महाविद्यालय स्तर पर जमकर फर्जीवाड़ा किया गया था। सूत्रों के मुताबिक अनुमोदित शिक्षक के बीएससी में 49.2 फीसदी अंक थे इनको बढ़ाकर 50.7 फीसदी किया गया और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से अनुमोदन करा लिया गया। कॉलेज के प्राचार्य नरेश कुमार ने बताया कि मामले को लेकर लिखित में शिकायत आई थी। जिसकी जांच आख्या भेज दी गई है।



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