बारिश के दौरान आवागमन हो जाता है बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
मड़ावरा। गांव-गांव तक सड़क संपर्क मार्ग निर्माण किए जाने के सरकारी दावे तहसील क्षेत्र में हवा हवाई साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के दर्जनों गांव ऐसे हैं कि वहां तक जाने वाली सड़कें गड्ढों में गुम हो गई हैं।
मड़ावरा से गिरार जाने वाला करीब 17 किमी लंबा रास्ता वर्षों से खराब पड़ा है जिसके नवनिर्माण होने के नाम पर मरम्मत के लिए एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया साथ ही अभी तक सड़क निर्माण का काम भी प्रारंभ नहीं हो सका। वहीं हंसरी-हंसरा होकर गिरार तक जाने वाली पीडब्ल्यूडी की सड़क भी बम्होरीखुर्द के आसपास काफी जीर्णशीर्ण हो चुकी है।
इस रास्ते से हंसरा, बह्मोरीखुर्द, टोरी, सेमरखेरा, नारायणपुरा, बड़वार, मानपुरा, गर्रौली जैसे दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को गड्ढों में गुम हुई सड़क पर सफर करना काफी मुश्किलों भरा रहता है। बारिश में तो हालात बद से बदतर हो जाते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से हंसरा से बम्होरीखुर्द तक पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है।
गांव से मुख्य सड़क तक नदी पर पुल और पक्की सड़क नहीं है जिसके चलते स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को बारिश के मौसम में काफी दिक्कत होती है।
-ओमप्रकाश पटैरिया, निवासी गांव बड़वार
पक्की सड़क के अभाव में कोई सवारी वाहन उनके गांव तक नहीं आते, ऐसे में महिलाओं और बुजुर्गों को हंसरा तक पैदल जाना पड़ता है जो बारिश में काफी कष्टकारी होता है। – शिवलाल, निवाबी बह्मोरीखुर्द
जिला पंचायत में बजट की कोई कमी नहीं है, आगामी बैठक में सड़क के डामरीकरण कराने का प्रस्ताव स्वीकृत कराकर सड़क बनवाई जाएगी।
– वीरसिंह बुंदेला, जिला पंचायत सदस्य सौंरई
