सजनाम नदी पर 1.75 करोड़ की लागत से आधुनिक तकनीक से तैयार हुआ बांध, साल के अंत तक परियोजना होगी पूर्ण
सिंचाई विभाग ने पूर्ण क्षमता 341.70 मीटर तक भरने की योजना बनाई
फोटो-08
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में सजनाम नदी पर बनकर तैयार हो चुके कचनौंदा बांध को इस वर्ष सिंचाई विभाग ने पूर्ण क्षमता 341.70 मीटर तक भरने की योजना बनाई है। बांध के पूर्ण क्षमता से भरने पर करीब एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा और यहां का जल संकट दूर होगा।
जिले में वर्ष 2007 में सजनाम नदी पर कचनौंदा बांध परियोजना को स्वीकृति मिली थी। बांध को बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया। वर्ष 2010 में बांध का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन, तय समय में परियोजना तैयार न होने के कारण इस का बजट और बढ़ गया था। जिसके चलते परियोजना की लागत भी बढ़ गई थी। वर्तमान में इसकी लागत करीब 1.75 करोड़ तक पहुंच गई।
तेरह वर्ष से निर्माणाधीन चल रही कचनौंदा बांध परियोजना अब पूर्ण होने की कगार पर पहुंच चुकी है, अब सिर्फ नहर निर्माण का कार्य चल रहा है, वह भी अपने अंतिम दौर में है। कचनौंदा बांध की ऊंचाई करीब 19.90 मीटर और लंबाई करीब 4100 मीटर है। पूर्ण जलस्तर 341.70 मीटर और न्यूनतम जलस्तर 334.75 मीटर रखा गया। सिंचाई के लिए दो नहर परियोजनाएं संचालित होंगी। बांध के गेट आधुनिक तकनीक से लगाए गए हैं। जिनका कंट्रोल लखनऊ तक से किया जा सकता है।
सिंचाई विभाग ने अब इस बांध को इस पूर्ण क्षमता से भरने की योजना बनाई है। पूर्ण क्षमता से बांध में पानी भर जाने से कई गांवों तक पानी पहुंच जाएगा। कुछ दिनों पूर्व सिंचाई विभाग ने जलभराव से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों को भराव क्षेत्र में न जाने और फसल न बोने की बात भी कही थी। इस वर्ष बांध के पूर्ण क्षमता से भर जाने से आसपास के क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में जल संकट दूर हो जाएगा।
पाइप पेयजल योजना में 62 गांव होंगे लाभांवित
इस बांध पर नमामि गंगे की हर घर जल नल पाइप पेयजल योजना का काम चल रहा है। इस योजना में 62 गांवों में 418.74 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाकर 25504 नल संयोजन करके पानी की सप्लाई की जाएगी। इस पाइप पेयजल परियोजना से 145324 लोगों को लाभांवित करने का लक्ष्य रखा गया है।
रबी के सीजन में मिलने लगेगा सिंचाई को पानी
कचनौंदा बांध परियोजना का काम अब अंतिम दौर में चल रहा है। जिसे दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दिसंबर तक नहर निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा और इस वर्ष रबी के सीजन में इस बांध से सिंचाई के लिए एक दर्जन से अधिक गांव के 11669 हेक्टेयर भूमि के लिए पानी उपलब्ध होने लगेगा। जिसका लाभ किसानों को होगा।
वर्जन
कचनौंदा बांध परियोजना का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। दिसंबर माह तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। गांवों में जल संकट दूर होगा। इस वर्ष मानसून में बांध को पूर्ण क्षमता के साथ भरे जाने की योजना है। इं. सतीश बुंदेलकर, सहायक अभियंता सिंचाई निर्माण तृतीय
