महीनों से अंधेरे में डूबे गांव और मोहल्ले, लोग बोले-शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई
प्रबंध निदेशक दक्षिणांचल के 48 घंटे में खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने के आदेश पर भी बरती जा रही कोताही
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। तीन दिन पहले ललितपुर आए प्रबंध निदेशक दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम अमित किशोर ने भीषण गर्मी में लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही कड़े शब्दों में कहा था कि खराब ट्रांसफॉर्मर 48 घंटे में बदल दिए जाएं, लेकिन बिजली विभाग के आलाधिकारियों ने शायद इस फरमान को विभाग में खूंटी पर टांग दिया है। जबकि स्थिति यह है कि जिले में कहीं 12 तो कहीं 24 महीने से कई ट्रांसफॉर्मर खराब पड़े हैं। बड़ी आबादी डेढ़-दो साल अंधेरे में डूबी है। स्थिति यह है कि शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उमस भरी गर्मी में बिजली के बिना रहना संभव ही नहीं है। लेकिन, ललितपुर के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कुछ दिन या महीने नहीं, डेढ़-दो साल से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इनकी जिंदगी कैसे कट रही है ये तो यही बता सकते हैं, लेकिन हालत यह है कि अधिकारी यहां बिजली के कनेक्शन देने के बाद भूल गए। लोगों का कहना है कि उनके पास शिकायत पत्रों का पुलिंदा जमा हो गया लेकिन महीनों बीतने के बाद भी ट्रांसफॉर्मर नहीं सुधरा। वह लोग घर में बिजली जलते देखने के लिए तरस रहे हैं। उधर, प्रबंध निदेशक दक्षिणांचल के ताजा निर्देश के बाद भी विभागीय अधिकारी खराब ट्रांसफॉर्मरों की जानकारी तक नहीं जुटा पा रहे।
एक साल से नहीं सुधरा ट्रांसफॉर्मर
जखौरा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत जिजयावन का मजरा बालाढाना में करीब एक साल से 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर खराब चल रहा है। गांव के अतेंद्र यादव, अंकुश यादव आदि ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज भी गांव में शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। बिजली न होने से ग्रामीण परेशान हैं।
डेढ़ साल से ट्रांसफॉर्मर खराब, बिल आ रहे
बिरधा उपकेंद्र के अंतर्गत सजनाम फीडर के ग्राम सलैया की हरिजन बस्ती में करीब डेढ़ साल से ट्रांसफॉर्मर खराब पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने कहा कि दो साल पहले फ्री कनेक्शन के तहत मीटर भी लगाए गए थे, लेकिन सप्लाई नहीं मिली। बिल लगातार आ रहे हैं। शिकायत पर कोई सुन नहीं रहा है।
तीन ट्रांसफॉर्मर दो साल खराब, कोई नहीं सुन रहा
ग्राम रीछपुरा में तीन ट्रांसफॉर्मर करीब दो साल से खराब पड़े हुए हैं। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी किसी ने इन ट्रांसफॉर्मरों को नहीं बदलवाया। लोग उमस भरी गर्मी में रहने को विवश हैं। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। लोग किसी तरह लैंप और दीपक जलाकर काम चला रहे हैं।
बिजली गुल, आधी आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर
पटौवा फीडर के अंतर्गत ग्राम करमरा में करीब 15 दिनों से ट्रांसफॉर्मर खराब पड़ा हुआ है। विद्युत विभाग के अभियंता तक से शिकायत की, लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। बिजली न आने से ग्राम पंचायत की करीब आधी आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है।
गांव का ट्रांसफॉर्मर एक साल से खराब पड़ा है। शिकायत के बाद भी कोई बदलने नहीं आया। ग्रामीण उमस भरी गर्मी में परेशान हो रहे। -अंकुश यादव, ग्राम पंचायत जिजयावन
कई बार शिकायत के बाद भी ट्रांसफॉर्मर नहीं बदला जा रहा है। घर में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत फ्री कनेक्शन किए गए थे, लेकिन आज तक बिजली नहीं आई।
-माखन अहिरवार, सलैया
दो साल पहले कनेक्शन हुए थे, लेकिन कुछ दिन बाद ट्रांसफॉर्मर खराब हो गया। शिकायत के बाद भी नहीं बदला गया। हम लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
-कमतू अहिरवार, सलैया
राधापुर तिराहे पर लगा ट्रांसफॉर्मर पिछले 15 दिनों से खराब पड़ा हुआ है। पूरा मोहल्ले व प्राथमिक विद्यालय की बिजली गुल है। शिकायत के बाद भी ट्रांसफॉर्मर नहीं बदला गया। -दयाराम प्रजापति, करमरा
शासन के निर्देश के अनुसार खराब ट्रांसफॉर्मर 48 घंटे में बदल जाना चाहिए, लेकिन इन गांवों की अभी तक कोई शिकायत मुझे नहीं मिली है। जानकारी लेकर खराब ट्रांसफॉर्मरों को बदलवाया जाएगा। -विनय कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत
