
गोरखपुर पराग डेयरी
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गोरखपुर जिले में घाटे में चल रहे पराग डेयरी के कारखाने को एक जून से बंद कर दिया गया है। दूध नहीं खरीदे जाने से दशकों से दूध की आपूर्ति करने वाले पशुपालकों में हड़कंप की स्थिति है। बुधवार को देवरिया में पशुपालकों ने सड़क पर दूध बहाकर विरोध प्रदर्शन किया है। हालांकि, पराग डेयरी के अधिकारियों का दावा है कि पशुपालकों से दूध खरीदकर अयोध्या के प्लांट में भेजा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि गोरखपुर की पराग डेयरी के कारखाने पर विभिन्न मदों में 6.25 करोड़ रुपये की देनदारी है। केवल पशुपालकों का ही दो करोड़ रुपये बकाया है। जबकि कर्मचारियों का डेढ़ करोड़ रुपये बकाया है। डेयरी में मंडल के चारों जिलों गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के दुग्ध उत्पादकों का दूध खरीदा जाता था। अब दूध नहीं खरीदे जाने से पशुपालकों में आक्रोश है।
गोरखपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (पराग डेयरी) का नया प्लांट फरवरी 2019 में शुरू किया गया था। नए प्लांट की प्रतिदिन दूध खपत क्षमता एक लाख लीटर की है। पुराने प्लांट की दूध खपत क्षमता प्रतिदिन 20 हजार लीटर की थी।
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बताया जा रहा है कि नए प्लांट में बड़ी मशीनों के चलने और 300 समितियों के माध्यम से पर्याप्त दूध नहीं मिलने की वजह से डेयरी का खर्च बढ़ता चला गया, लेकिन आमदनी घट गई। इससे कर्मचारियों और पशुपालकों का डेयरी पर करोड़ों रुपये बकाया हो गया।
कारखाने में उत्पादन बंद होने के बाद पशुपालकों का दूध अयोध्या भेजने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पशुपालकों का कहना है कि उनका दूध खरीदा नहीं जा रहा है। उनसे कहा जा रहा है कि उनके दूध में पानी अधिक है। यही वजह है कि बुधवार को देवरिया में पशुपालकों ने विरोध प्रदर्शन किया है। डीएम को ज्ञापन भी दिया है।
