
वाराणसी: रथयात्रा मेले में उमड़ी भीड़
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जगन्नाथ स्वामी नयन पथगामी भवतु मे….का भाव और कातर प्रार्थना के जरिये भक्तों ने भगवान को हृदय में विराजने की कामना की। रथयात्रा मेले के अंतिम दिन भगवान का रथ खींचते हुए हर श्रद्धालु के मन में यही भाव था कि प्रभु नयनों की राह से हमारे हृदय में विराजमान हों। हर भक्त प्रभु चरणों को स्पर्श करने की कामना से मेला क्षेत्र में पहुंचा और रथ के स्पर्श से भगवान के चरण रज की अनुभूति की।
गुरुवार दोपहर में भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने के लिए भक्तगण उमड़े। किसी ने पहिये पर जोर लगाया तो किसी ने रथ में बंधा रस्से को तान कर रथ आगे बढ़ाने की रस्म निभाई। नाथों के नाथ से प्रेम का अटूट रिश्ता निभाकर भक्त भी भाव से भर उठे। हर कोई रथ के स्पर्श व उसकी परिक्रमा की चाह लिए रथयात्रा मेले में पहुंचा।
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गुलाब व बेला की कलियों से सजावट
दोपहर 12 बजे रथ को खींचकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पास विराजमान कराया गया। इसके पूर्व प्रात: 5.11 बजे पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने भगवान जगन्नाथ, भैया बलभद्र और बहन सुभद्रा के स्वरूपों की मंगला आरती की। इसके बाद रथ रूपी मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खुल गए।
