संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नेपाल से बस में सवार होकर इलाज के लिए बेंगलुरु जा रही महिला की रास्ते में ललितपुर के पास मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार को सुशीला (26) पत्नी लाल बहादुर निवासी करनूल तमिलनाडु को उसका पिता चिंता उघड़ा अचेतावस्था में जिला अस्पताल लेकर आया। यहां चिकित्सकों ने सुशीला के शरीर का परीक्षण करने के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बारे में मृतका के पिता ने बताया कि वह मूलरूप से नेपाल के ग्राम धनगड़ी जनपद कैलाली का निवासी है। उसने अपनी पुत्री सुशीला की शादी करीब दो वर्ष पूर्व करनूल तमिलनाडु निवासी लाल बहादुर के साथ की थी। पिछले कुछ समय से सुशीला बीमार चल रही थी। जिस पर वह उसे ससुराल से लेकर नेपाल आ गया था। यहां इलाज कराने पर भी कोई आराम नहीं मिला तो लाल बहादुर ने सुशीला का बेंगलुरु में इलाज कराने की बात कही थी। जिस पर चिंता अपनी पुत्री सुशीला को लेकर नेपाल से बृहस्पतिवार की सुबह निकला था और भारत की सीमा में प्रवेश करते हुए पलिया बार्डर पहुंचा। यहां से रात्रि करीब आठ बजे बेंगलुरु के लिए जाने वाली निजी बस में सवार हो गए। शुक्रवार की सुबह बस ललितपुर के पास पहुंची थी कि बीमार सुशीला की हालत बिगड़ गई। जिसके बाद चिन्ता अपनी पुत्री सुशीला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने सुशीला के शरीर का परीक्षण करने के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की एक पुत्री है और वह दो भाइयों की इकलौती बहन थी।
आर्थिक स्थिति खराब के चलते जनपद में किया अंतिम संस्कार
मृतका सुशीला के पिता की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। वहीं उसका पति लाल बहादुर भी तमिलनाडु में मजदूरी करता है। इस कारण से लाल बहादुर अपनी पुत्री के शव अंतिम संस्कार जनपद में ही स्थित मुक्तिधाम में करेगा। इसका कारण लाल बहादुर ने बताया कि उसके पास इतने रुपये नहीं है कि वह शव को लेकर नेेपाल या तमिलनाडु के लिए वाहन का किराया दे सके।
