बांदा। जिला अस्पताल में बने पैथोलॉजी सेंटर में लगी मशीनों की जांच की क्षमता मात्र 50 सैंपल की है। जबकि रोजाना 200 मरीज जांच कराने आते हैं। ऐसे में 150 मरीजों को अगले दिन जांच रिपोर्ट के लिए भागदौड़ करनी पड़ती है। इससे दूर दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल में बने ब्लड जांच केंद्र व पैथोलॉजी सेंटर में मलेरिया, टाइफाइड, वायरल, सीबीसी, शुगर, विडाल आदि टेस्ट के लिए मशीन में पहले टेस्ट पास की प्रक्रिया करनी पड़ती है। इसमें ब्लैंकिंग, निडिल रेंस, कंट्रोल पास की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज के सैंपल की जांच होती है। ताकि जांच रिपोर्ट सही आ सके।
इस प्रक्रिया में करीब दो से ढाई घंटे लग जाते हैं। यानी सुबह आठ बजे यदि यह प्रक्रिया शुरू की गई तो जांच शुरू करने में साढ़े दस बज जाते हैं। इसमें 50 ब्लड सैंपल साढ़े दस बजे लगे तो रिपोर्ट आने और फीडिंग आदि करने में दोपहर के एक बज जाते हैं। दूसरी शिफ्ट मशीन में लगाने और रिपोर्ट आने में तीन बज जाते हैं। इससे पहले दो बजे डॉक्टर चले जाते हैं।
50 मरीजों की जांच रिपोर्ट तो डॉक्टरों के मरीजों के देखने के समय दो बजे तक मिल जाती है, लेकिन आगे की रिपोर्ट आने में तीन बजे जाते हैं तब तक डॉक्टर चले जाते हैं, जिससे रिपोर्ट के लिए अगले दिन बुलाना पड़ता है। नतीजन 150 मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। ज्यादातर मरीज 60 से 70 किलोमीटर की दूरी तय कर अगले दिन आते हैं।
हालांकि न्यू बिल्डिंग में ज्यादा जांच मशीनों और स्टॉफ वाली हाईटेक लैब बनानी है, लेकिन अभी इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। यदि जिला अस्पताल की इसी लैब में कुछ मशीनें व स्टॉफ बढ़ा दिया जाय तो कुछ हद तक समस्या का निदान हो सकता है।
– जसपुरा निवासी सिया देवी का कहना है कि उनको दो दिन से बुखार आ रहा है, डॉक्टर को दिखाया, जांच के लिए लिखा है सैंपल दिया है। रिपोर्ट के लिए अगले दिन बुलाया है।
– अतर्रा ने राजकरन यादव का कहना है कि वह शुक्रवार सुबह 10 बजे अपना सैंपल दे गए थे। शनिवार को दोपहर हो गई है। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
उधर सीएमएस एसएन मिश्रा का कहना है कि न्यू बिल्डिंग में इंडियन पब्लिक हेल्थ लैब की स्थापना का काम चल रहा है, जिसमें भरपूर मशीनें और स्टॉफ मौजूद रहेगा। जांच रिपोर्ट उसी दिन मिलने लगेगी। लेकिन इसके तैयार होने में करीब एक वर्ष लगेंगे। तभी तक इसी तरह से दिक्कत रहेगी।
