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ललितपुर। अनंत विभूषित ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने कहा कि भगवान शिव ने सोचा कि भगवान राम की सहायता का अवसर हो तो वानर भी बनना स्वीकार है। भगवान के काम में शरीर आना चाहिए। यदि शरीर भगवान के काम में आ जाए तो इससे बड़ा कोई सौभाग्य नहीं हो सकता। वह रविवार को अमझरा घाटी में स्थित श्री हनुमान जी महाराज के मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमानजी का पूजन-अर्चन किया।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने हनुमानजी का रूप धारण करके हम लोगों को शिक्षा प्रदान की और भगवती सीता ने शोक रूपी अग्नि से रावण की लंका का दहन कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का स्मरण करने से ऐसा कौन सा कार्य है जो हो न सके। मंदिर व्यवस्थापक हरेंद्र शाह व विक्रम सिंह बुंदेला ने महाराज का पादुका पूजन किया। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का दर्शनकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद शंकराचार्य महाराज ब्राह्मण धर्मशाला, अमझरा धाम पहुंचे जहां उन्होंने भगवान परशुराम के चित्र का पूजन किया। यहां आरएन शुक्ला व आकाश पटैरिया ने सपत्नीक जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज का पादुका-पूजन किया। इस अवसर पर ब्राह्मण धर्मशाला में बड़ी संख्या में सनातन धर्मी उपस्थित रहे।

ये लोग रहे मौजूद

मुन्ना पटेरिया, मनोज चौबे, ओमकार दीक्षित, महेश चौबे, रवि तिवारी, शरद संज्ञा, अमित रिछारिया, ऋषि, अनिल रिछारिया, चंद्र भूषण पाठक, चंद्र दीप रावत ब्लॉक प्रमुख मड़ावारा, राघवेंद्र भौंडेले, ढिल्लन महाराज, विनोद तिवारी, लक्ष्मी नारायण तिवारी, लुकई महाराज, नीरज पाराशर, पप्पी दुबे, अनीत मिश्रा, मदन पुरोहित, ज्योतिर्मय शुक्ला, दिव्य ज्योति शुक्ला, लोकेंद्र बुंदेला, सिरनाम सिंह प्रधान अटा, इंदु महाराज, रामबिहारी पांडेय, प्रमोद मिश्रा, अभिषेक शास्त्री, राजकुमार शर्मा आदि।



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