सावन के सोमवार
पहला : 10 जुलाई
दूसरा: 17 जुलाई
तीसरा : 24 जुलाई
चौथा : 31 जुलाई
पांचवां : 07 अगस्त
छठां : 14 अगस्त
सातवां : 21 अगस्त
आठवां : 28 अगस्त
सवार्थसिद्ध योग
9 जुलाई, 11 ज़ुलाई, 12 जुलाई, 13 जुलाई, 18 जुलाई, 23 जुलाई, 28 जुलाई, 29 जुलाई, 30 जुलाई
07 अगस्त, 09 अगस्त, 10 अगस्त, 14 अगस्त, 15 अगस्त, 16 अगस्त, 20 अगस्त, 21 अगस्त, 24 अगस्त, 25 अगस्त, 27 अगस्त, 29 अगस्त
मंगला गौरी व्रत
04 जुलाई, 11 जुलाई, 18 जुलाई, 25 जुलाई, 01 अगस्त, 08 अगस्त, 15 अगस्त, 22 अगस्त, 29 अगस्त
पूर्णिमा पर हुआ बाबा विश्वनाथ का शृंगार
आषाढ़ पूर्णिमा पर बाबा विश्वनाथ की भव्य सजावट हुई। सुबह से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन पूजन की कतार लगी रही और देर रात तक श्रद्धालुओं ने बाबा का दर्शन पूजन किया। सोमवार को आषाढ़ पूर्णिमा पर गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं की कतार बाबा दरबार में लग गई। शाम को सप्तर्षि आरती के पूर्व बाबा विश्वनाथ की भव्य सजावट की गई। बाबा के गर्भ गृह में स्थापित चल रजत प्रतिमा और प्रतिमा की सजावट हुई। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के भव्य स्वरूप के दर्शन किए।
