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ललितपुर। शहर की जीवन रेखा मानी जाने वाली साढ़े तीन किमी की घंटाघर-गोविंद सागर बांध सड़क की हालत खस्ता है। सड़क की मरम्मत के लिए चार साल पहले शासन को 24 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया लेकिन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते बात आगे नहीं बढ़ सकी। माननीयों की बेरुखी का आलम यह है कि कार्ययोजना तो तैयार हो गई, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इस देरी का का नुकसान यह भी है कि सड़क की मरम्मत भी नहीं हो रही है।

विधानसभा चुनाव में भी इस सड़क के निर्माण व दोहरीकरण का मुद्दा काफी गरमाया रहा। भाजपा प्रत्याशी व नेताओं ने जल्द ही सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था। अभी तक इस सड़क को शासन से मंजूरी नहीं मिल पाई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के पहल न करने के कारण ही स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।

ललितपुर-तालबेहट वाया जखौरा मार्ग को भी उद्धार का इंतजार

जनपद मुख्यालय से तालबेहट तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क प्रस्ताव भी लंबित चल रहा है। 37 किमी सड़क का जीर्णोद्धार व चौड़ीकरण होना है। वर्तमान यह सड़क 3.5 मीटर चौड़ी है। इस सड़क को सात मीटर तक चौड़ा किया जाना है। 79 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में अटका हुआ है। इस सड़क के निर्माण से लोगों को तालबेहट तक जाने के लिए टोल टैक्स भी नहीं देगा पड़ेगा।

शासन को प्रस्ताव भेजा है, जल्द ही वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। धनराशि मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। -जेपी खरे, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग

पत्राचार किया गया है, जल्द ही धनराशि शासन से स्वीकृत हो जाएगी। – रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक



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