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चित्रकूट । जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय व संस्कृत संस्थान लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने किया।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने अपने जीवन में समाज के उन लाखों दिव्यांग छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जल्द ही राज्य सरकार इस दिव्यांग विश्वविद्यालय को पूरी तरह से यहां के छात्रों को उच्च स्तरीय आधुनिक शिक्षा दी जाएगी।

पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. सुरजीत सिंह ने कहा कि गुरु पूर्णिमा अपने गुरू को याद करने व उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए हमें प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि गुरु शब्द में भारतीय वांग्मय में नाम है। गुरु, सद्गुरु, जगद्गुरु यह तीन नाम रखा गया है। गुरू सामान्य होता है। सद्गुरु ऊंची कक्षा का होता है। भारतीय परंपरा मेंं गुरु पूर्णिमा पर भक्त अपने गुरु से दीक्षित होकर जीवन पर्यंत अपने गुरु का आदेश निर्वहन करते हैं।

आचार्य रामचंद्र ने कहा कि पूज्य गुरुदेव विराजमान हैं जो पूरी दुनिया में अपनी विद्वता का परचम लहराया है। इस मौके पर सांसद आरके सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, सहकारी बैंक के चेयरमैन पंकज अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, कुलपति प्रो. शिशिर कुमार पांडेय, डॉ. ज्योति वैष्णव, डॉ. प्रमिला मिश्रा, डॉ. गोपाल मिश्रा व एसपी मिश्रा आदि मौजूद रहे।



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