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बांदा। शिक्षामित्रों नियमावली में संशोधन कर समायोजित करने व नई शिक्षा नीति में शामिल करने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों को पूरे 12 महीने का मानदेय मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।

जिलाध्यक्ष दिनकर अवस्थी ने बताया कि 22 वर्षों से शिक्षामित्र शिक्षण कार्य करते आ रहे हैं। 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शादी विवाह के योग्य हो गए हैं। वर्तमान समय में हमें 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय केवल 11 माह का मिलता है जो कि इस महंगाई के दौर में घर खर्च के लिए भी कम पड़ रहा है। कई मानसिक अवसाद में जीने को मजबूर हैं। सरकार सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास पर कार्य करने वाली डबल इंजन वाली सुशासन की सरकार है। डबल इंजन के सरकार के मुखिया यशस्वी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया गया है कि शिक्षामित्रों के भविष्य सुरक्षित करने के लिए कदम उठाएं। उनकी पांच सूत्रीय मांग पूरी करें। शिक्षामित्रों ने नियमावली में संशोधन कर समायोजित व नियमित व नई शिक्षा नीति में शामिल करने सहित नियमितीकरण प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रदेश के शिक्षामित्रों को 12 माह 62 वर्ष तक वेतन देने की मांग की। मूलचंद सोनी, जितेंद्र अग्रहरि, राधेश्याम यादव, सुनील मिश्र, पहलवान सिंह, योगेश शुक्ला, राकेश, रामराज, विष्णुकांत, धनंजय, सुजीत, ओमप्रकाश, रामदास, सर्वेश, योगेश्वर गगर्, अनुराग बाजपाई, श्याम बाबू, शारदा पांडे आदि मौजूद रहे।



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