ललितपुर। जुलाई के महीने में औसत से कम बारिश होने के कारण किसान सूखे के आहट से चिंतित हैं। रूठे मानसून को मनाने के लिए ग्रामीण तरह-तरह के पूजा अनुष्ठान और टोटके आजमा रहे हैं। अच्छी बारिश की कामना के साथ जहां भगवान के मंदिरों में कन्याभोज भंडारे और अनुष्ठान चल रहे हैं, वहीं बुंदेलखंड में पूजे जाने वाले लोक देवताओं के मंदिरों पर भी तरह- तरह के टोटके किए जा रहे हैं। अच्छी बारिश के लिए एक अनोखी परंपरा बुंदेलखंड में सैकड़ों साल पुरानी है। जब भी अच्छी बारिश नहीं होती थी तो लोग अपने राजा के दोनों हाथ बांधकर देवताओं के मंदिरों पर ले जाते थे और पूजा अर्चना करते थे, तो बारिश होने लगती थी। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए जिले के कसबा पाली में रूठे मानसून को मनाने के लिए लोग अपने नगर पंचायत अध्यक्ष के हाथ बांधकर देवताओं के मंदिरों पर ले गए तथा पूजा अर्चना कर अच्छी बारिश की मनौती मांगी।
ग्रामीण कस्बा पाली नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष तिवारी के दोनों हाथ बांधकर उन्हें दोउवा मंदिर ले गए। इस दौरान उनके साथ भारी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। ढोल-नगाड़े के बीच ग्रामीण मंदिर पहुंचे और यहां पूजन अर्चन की गई। सभी ने अच्छी बारिश होने की मन्नत मांगी। इसके बाद नगर पंचायत चेयरमैन के हाथ खोल दिए गए। सभी कस्बावासियोंं ने नीलकंठ मार्ग पर स्थित भूमानन मंदिर पहुंचकर मत्था टेका। इस परंपरा को लेकर लोगों ने बताया कि पुराने जमाने में जब बारिश नही होती थी, तब राजा के हाथ बांधकर मंदिर ले जाते थे। इसके बाद अच्छी बारिश होती थी।
