रात में शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, खेत पर किया अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
मड़ावरा/भौंटा (ललितपुर)। भाई-बहन रीतेश और पूनम की मौत होने पर बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद रात करीब 8:30 बजे दोनों के शव उनके गांव भौंटा पहुंचे तो उनके माता-पिता रोते-रोते गिर गए। दोनों से शवों से लिपट-लिपट कर रो रहे माता-पिता बार-बार कहे जा रहे थे…हाय रीतेश बेटा…हमारे घर का इकलौता चिराग बुझ गया। उनकी आंखों से बह रहे आंसू देख वहां मौजूद हर ग्रामीण रो रहा था। माता-पिता की हालत देख परिजनों ने शव पहुंचने के कुछ देर बाद रात करीब सवा नौ बजे अपने खेत पर दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया
भौंटा गांव निवासी राघवेंद्र के तीन बच्चों में दो बेटियों में बेटा इकलौता था। घटना की जानकारी लगते ही कम आबादी वाले गांव में मातम पसर गया। राघवेंद्र के बेटा रीतेश और बेटी पूनम उर्फ मुन्नी की मौत की खबर जिस किसी ने सुनी वह उनके घर पर शोक संवेदना जताने पहुंच गया। इकलौते बेटे और बेटी का शव देखते ही मां अचेत हो गई वहीं पिता को भी लोग किसी तरह संभालते रहे। रात करीब नौ बजे जब दोनों बच्चों की एक साथ घर से अर्थी उठी तो सबका धैर्य जवाब दे गया। लोग किसी तरह उन्हें लेकर खेत पर पहुंचे जहां पहले से तैयार अलग-अलग चिता पर भाई-बहन को चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी।
रक्षाबंधन की याद कर बिलख पड़ी बहन
इकलौते भाई के शव को देखकर बहन रीति बिलख पड़ी। वह रोते हुए कह रही थी कि अब रक्षाबंधन पर किसे राखी बांधेगी। रीति उस घड़ी को कोस रही थी जिस में वह लोग कमरे में एक साथ सोए थे। उसने कहा कि पूनम कुछ दिन पहले ही कह रही थीं कि अबकी साल भाई रीतेश के लिए जड़ाऊ नग वाली राखी लाएंगे। रोते-रोते बेहोश हो रही रीति बार-बार यही कहे जा रही थी कि भइया लौट आआे दोनों लोग, हम अकेले कैसे रहेंगे।
बिजली न होने से गांव में पसरा था अंधेरा
भौंटा गांव में बिजली न होने से गांव में अंधेरा पसरा था लोग अपने घरों से लालटेन लेकर रोशनी किए थे लेकिन अंधेरे को चीरते हुए परिजनों के करुण क्रंदन ने लोगों को झकझोर दिया। अंधेरे में ही दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
वर्जन
ग्राम भौंटा निवासी भाई-बहन व चचेरे भाई को बृहस्पतिवार की सुबह जिला अस्पताल अचेतावस्था में लाया गया था। यहां चिकित्सकों ने भाई-बहन को मृत घोषित कर दिया। जबकि तीसरे को झांसी रेफर कर दिया गया था। दोनों शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को संबंधित थाना पर भेज दिया गया है। -डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्साधिकारी
