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मड़ावरा में किराये का मकान लेकर पांचों भाई-बहन कर रहे थे पढ़ाई

खाना खाकर सोए थे सभी पांचों, देर रात बिगड़ गई तीन की हालत

सांप के डसने का अंदेशा बता रही पुलिस, मौत की वजह साफ नहीं, विसरा सुरक्षित रखा गया

संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर/मड़ावरा। किराये के मकान में रहकर पढ़ाई करने वाले सगे भाई-बहन की संदिग्ध हालात में बृहस्पतिवार को मौत हो गई। जबकि चचेरे भाई को गंभीर हालत में झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। तीनों भाई-बहनों के साथ क्या हुआ, यह बात अभी तक खुलकर सामने नहीं आई है। हालांकि पुलिस सांप के डसने का अंदेशा जता रही है, वहीं, मौत की वजह साफ न होने के कारण मृतक भाई-बहनों का विसरा सुरक्षित रखा गया है। जबकि चचेरे भाई का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।

कस्बा मड़ावरा में किराये के मकान में रहकर पढ़ाई करने वाले सगे भाई-बहन रीतेश (18), पूनम उर्फ मुन्नी (14) और चचेरे भाई जयहिंद (18) की बृहस्पतिवार की तड़के अचानक से हालत बिगड़ गई। उनके साथ रहकर पढ़ाई करने वाली उनकी बहन रीति व रश्मि तीनों को लेकर मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची थीं। घटना को लेकर रीतेश की बहन रीति ने बताया कि बुधवार की रात करीब 11 बजे उन पांचों ने दाल और रोटी खाई थी। इसके बाद वह पांचों लोग कमरे में सोने के लिए चले गए थे।

बृहस्पतिवार की तड़के करीब तीन बजे पहले रीतेश आया और इसके बाद पूनम व जयहिंद ने आकर बताया कि उन्हें कमर, पेट व सीने में दर्द हो रहा है। तीनों ने बताया कि उनका गला भी जकड़ रहा है। रीति ने बताया कि दर्द होने की बात सुनकर उसने और रश्मि ने उन तीनों को दवा लगाई और उनकी कमर दबाने लगीं। लेकिन, तीनों की हालत और बिगड़ने लगी। यह देखकर वह दोनों उन तीनों को लेकर मड़ावरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गईं।

इसके साथ ही उन्होंने अपने परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी। मड़ावरा में चिकित्सकों ने तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां रीतेश और पूनम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जयहिंद की हालत को देखते हुए उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इसके अलावा रीति और रश्मि कोई और जानकारी नहीं दे पा रही हैं। उनका कहना है कि जब तीनों भाई-बहनों ने उन्हें जगाया था तो उन्हें तेज दर्द हो रहा था।

उधर, पोस्टमार्टम के दौरान दोनों के मरने की वजह साफ नहीं हुई। अंदेशा लगाया जा रहा कि उनकी मौत सांप के डसने से हुई है। फिलहाल विसरा सुरक्षित रखा गया है। उधर, उपजिलाधिकारी मड़ावरा अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल कराई।

वर्जन

रीतेश, पूनम और जयहिंद को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। जहां रीतेश व पूनम को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया कि दोनोें की मौत सांप के डसने से हुई है। मामले में आगे कार्रवाई की जा रही है।-मोहम्मद इमरान, क्षेत्राधिकारी मड़ावरा

खेती-किसानी कर बच्चों को पढ़ा रहे थे मां-बाप

थाना मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम भौंटा में रहने वाले राघवेंद्र सिंह व राजेंद्र सिंह भाई हैं। इनमें राघवेंद्र छोटा और राजेंद्र बड़ा भाई है। राघवेंद्र पेशे से किसान हैं और चार एकड़ जमीन पर खेती-किसानी करता है। जबकि राजेंद्र खेती-किसानी के साथ बाहर फैक्टरी में काम करता है। दोनों भाइयों ने अपने-अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए मड़ावरा भेज दिया था। जहां पांचों भाई-बहन किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। रीतेश (18) व पूनम उर्फ मुन्नी (14) राघवेंद्र सिंह के बच्चे थे। इसके अलावा उनकी 16 साल की एक और बेटी रीति भी है। रीति भी अपने भाई-बहन के साथ मड़ावरा में रहकर पढ़ाई कर रही थी।

उधर, बड़े भाई राजेंद्र सिंह के बच्चे रश्मि (20) व जयहिंद (18) हैं। ये दोनों भी रीतेश, पूनम और रीति के साथ उसी किराये के मकान में पिछले सात वर्षों से रहकर पढ़ाई कर रहे थे।रीतेश व जयहिंद बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे। जबकि रीति व रश्मि बीएससी में पढ़ रही थीं। वहीं पूनम उर्फ मुन्नी कक्षा 10वीं में पढ़ रही थी। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कैसी चल रही है इस पर निगरानी रखने के लिए उनके परिजन यहां आते-जाते रहते थे।

बृहस्पतिवार को था रीतेश व जयहिंद का पेपर

रीतेश व जयहिंद शहर मेें एनएमवी के पास स्थित एक महाविद्यालय में बीकॉम के छात्र रहे। दोनों की परीक्षाएं चल रही थी। बृहस्पतिवार की सुबह रीतेश व जयहिंद का पेपर था। लेकिन, इससे पहले ही यह घटना हो गई।

दिन में दोनों भाइयों ने फसल में कराया था कीटनाशक का छिड़काव

सगे भाई-बहन की मौत होने और चचेरे भाई की हालत गंभीर होने की खबर जैसे ही गांव के लोगों को हुई वह घटना की जानकारी करने लगे। वहीं घटना को लेकर गांव के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। गांव के लोगों ने बताया कि बुधवार को रीतेश व जयहिंद गांव आए थे। यहां उड़द की फसल में कीटनाशक दवा का छिड़काव करवाने के बाद शाम को वापस कस्बा मड़ावरा चले गए थे।



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