इमरजेंसी का होगा कायाकल्प, नए विभाग भी जुड़ेंगे
सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनने के बाद मंडलीय अस्पताल में वर्तमान समय में चल रही इमरजेंसी का कायाकल्प भी होगा। यहां मरीजों के लिए जांच, इलाज की बेहतर सुविधाएं रहेंगी। स्थायी तौर पर कार्डियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, आंकोलॉजी सहित कई और विभाग भी संचालित होंगे। वर्तमान समय में ये विभाग न होने से मरीजों को बीएचयू अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। वर्तमान समय में आर्थो, ईएनटी, बाल रोग विभाग, सर्जरी, चर्मरोग विभाग, मेडिसिन, दंत रोग विभाग के साथ ही डायलिसिस की सुविधा यहां उपलब्ध है। एसआईसी डाॅ. एसपी सिंह का कहना है कि अस्पताल में सुपरस्पेशियलिटी के सभी विभाग खुल जाएंगे।
एक नजर में आंकड़े
वर्तमान बेड 316
सुपरस्पेशियलिटी के बाद 725
पूरा प्रस्ताव 388 करोड़
पहले चरण में स्वीकृत 216 करोड़
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा को सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। उसकी स्वीकृति के साथ ही पहले फेज में 216 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके बन जाने के बाद मरीजों को बड़ी राहत होगी। -डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
अस्पताल में वर्तमान समय में वाराणसी के साथ ही चंदौली सहित आसपास के अन्य जिलों के मरीज आते हैं। सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनने के बाद आईसीयू की कमी के साथ ही अन्य बीमारियों के मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा। – डॉ.एसपी सिंह, एसआईसी मंडलीय अस्पताल
